हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध के 10 अनमोल विचार, जिसने बदल दी है करोड़ों लोगों की जिंदगी

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध ने कहा है ‘अप्प दीपो भव’ यानी अपने भीतर ज्ञान का प्रकाश जलाकर स्वयं मार्ग खोजें। सत्य, करुणा और जागरूकता से जीवन बदलता है, यही बुद्ध का संदेश है। आइए जानते हैं, भगवान बुद्ध के 10 अनमोल विचार।

विज्ञापन

Buddha Quotes: महात्मा बुद्ध का वह एक महान विचार जिसने सदियों से मानवता का मार्ग प्रशस्त किया है और जिसे उन्होंने अपने अंतिम समय में भी दोहराया था, वह है: ‘अप्प दीपो भव’ (Appo Deepo Bhava)। इसका अर्थ है: अपना दीपक स्वयं बनो। क्या आप जानते हैं, यह विचार क्रांतिकारी क्यों है? दरअसल बुद्ध ने सिखाया कि किसी बाहरी शक्ति, अंधविश्वास या दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय, मनुष्य को अपने विवेक और ज्ञान के प्रकाश में स्वयं का मार्ग खोजना चाहिए।

गौतम बुद्ध की जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा या ‘वेसाक’ भी कहते हैं, हर साल वैशाख पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो साल 2026 में शुक्रवार 1 मई को पड़ रही है। इस मौके पर आइए जानते हैं, ‘अप्प दीपो भव’ की तरह महात्मा बुद्ध के 10 ऐसे ही महान विचार जो धम्मपद और त्रिपिटक जैसे प्राचीन बौद्ध ग्रंथों से लिए गए हैं और जिन्होंने सदियों से समाज को एक नई दिशा दी है।

गौतम बुद्ध के 10 अनमोल विचार

स्वयं का उद्धारकर्ता बनें

कोई और हमें नहीं बचा सकता, हमें खुद ही उस पथ पर चलना होगा। — यह उपदेश हमें अपनी मुक्ति का दायित्व स्वयं उठाने की प्रेरणा देता है।

विज्ञापन

विचारों की शक्ति

हम वही हैं जो हम सोचते हैं। हमारी वर्तमान स्थिति हमारे पिछले विचारों का ही परिणाम है। — यह सूत्र बताता है कि हमारी सोच ही हमारे जीवन की दशा और दिशा तय करती है।

क्रोध का शमन

क्रोध को अ-क्रोध (प्रेम) से जीतें, बुराई को भलाई से जीतें। — यह विचार प्रतिशोध के चक्र को तोड़कर करुणा और क्षमा को अपनाने का मार्ग दिखाता है।

विज्ञापन

यह भी पढे: Grah Dosh Upay: घर में चीजों के बार-बार टूटने की वजह हैं ये 3 ग्रह, जानें बचने के प्रभावशाली ज्योतिष उपाय

प्रेम का शाश्वत नियम

घृणा कभी घृणा से शांत नहीं होती, बल्कि प्रेम से होती है। यही शाश्वत नियम है। — यह वचन बताता है कि किसी भी वैमनस्य का स्थायी समाधान सिर्फ प्रेम में ही निहित है।

विज्ञापन

स्वयं पर विजय

युद्ध में हजारों पर विजय पाने से बेहतर है कि आप स्वयं पर विजय प्राप्त करें। — यह उपदेश बाहरी सफलता से अधिक आत्म-अनुशासन और आंतरिक विजय के महत्व को रेखांकित करता है।

वर्तमान में जीना

अतीत में मत उलझो, भविष्य के सपने मत देखो, अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो। — यह शिक्षा मानसिक तनाव से मुक्त होकर वर्तमान को भरपूर जीने का व्यावहारिक सूत्र है।

विज्ञापन

शांति का स्रोत

शांति भीतर से आती है, इसे बाहर मत खोजो। — यह विचार सिखाता है कि बाहरी वस्तुओं की दौड़ छोड़कर आत्म-अवलोकन से ही सच्ची शांति मिलती है।

यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir: रामलला दरबार के ‘ईशान कोण’ में ही क्यों फहराया गया शिव मंदिर का ध्वज, पूरा हुआ पंचदेवों का शृंगार

विज्ञापन

तर्क और विवेक को तरजीह

किसी बात पर केवल इसलिए विश्वास मत करो क्योंकि वह प्राचीन परंपरा है या धर्मग्रंथ में लिखी है। उसे तब मानो जब वह तर्कसंगत हो और सबका भला करे। — यह संदेश अंध-अनुकरण के बजाय तर्कबुद्धि और सार्वजनिक हित को कसौटी बनाने की प्रेरणा देता है।

दुख का मूल कारण

दुख का मूल कारण आसक्ति (Attachment) है। — यह विचार बताता है कि मोह और चिपकाव ही जीवन की समस्त पीड़ा का केंद्र हैं।

विज्ञापन

पवित्र मन का अमोघ फल

यदि कोई शुद्ध मन से बोलता या कार्य करता है, तो सुख उसका पीछा वैसे ही करता है जैसे छाया कभी साथ नहीं छोड़ती। — यह वचन आश्वस्त करता है कि निष्कलंक आचरण ही स्थायी सुख और शांति का मार्ग है।

आपको बता दें कि आधुनिक मनोविज्ञान और कॉर्पोरेट जगत भी आज इन सूत्रों को मानसिक स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए तेजी से अपना रहे हैं। इन कालजयी शिक्षाओं की प्रासंगिकता हर युग में बनी रहेगी।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Wisdom Tooth: ‘अक्ल के दांत’ का आना है अहम संकेत, जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola