हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Bhagwan Shiv: क्या है महादेव के नाग, चंद्रमा, त्रिशूल और डमरू की महिमा? जानिए शिव जी की वेशभूषा से जुड़े रहस्य

Bhagwan Shiv: भगवान शिव गले में सांप और सिर पर चंद्रमा धारण किए हुए है. वह अपने साथ डमरू और त्रिशूल रखते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जानते हैं कि, शिव जी के हाथों में त्रिशूल, डमरू, गले में सर्प और माथे पर चंद्रमा का क्या रहस्य है.

विज्ञापन
Photo Credit- AI

Bhagwan Shiv: भगवान शिव जी का स्वरूप बेहद ही रहस्यमय और अनोखा माना जाता है. शिव जी को तस्वीरों में मृगछाल यानी हिरण की खाल और शरीर पर भस्म लगाए हुए दिखाया जाता है. इसके अलावा शिव जी कई चीजों को धारण करते हैं. जो उनके रूप को और अनोखा बनाता है. भगवान शिव ने गले में सांप और सिर पर चंद्रमा धारण किया हुआ है. इसके साथ ही वह डमरू और त्रिशूल अपने साथ रखते हैं. शिव जी के नाग, चंद्रमा, त्रिशूल और डमरू की महिमा क्या महिमा है आइये इसके बारे में जानते हैं.

हाथों में त्रिशूल

भगवान शिव के हाथों में त्रिशूल को उनका अस्त्र माना जाता है. त्रिशूल के तीनों शूलों को रज, तम, सत तीन गुणों का प्रतीक माना जाता है. इनमें से रज कर्म, इच्छा और मेहनत का प्रतीक है. तम अज्ञान, आलस और नकारात्मक माना जाता है. इसके अलावा तीसरे शूल सत को ज्ञान, शांति और पवित्रता का प्रतीक मानते हैं. इन तीनों के बिना सृष्टि का संचालन करना कठिन है. इसी कारण से भगवान शिव ने त्रिशूल को अपना हाथ में धारण किया है.

ये भी पढ़ें – Numerology: हमेशा नेगेटिव सोचते हैं इन 3 मूलांक वाले लोग, अक्सर कर लेते हैं अपना ही नुकसान, जानिए

विज्ञापन

मस्तक पर चंद्रमा

भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं. इसके पीछे शिव पुराण की एक कथा है. दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से हुआ था. जिन्हें आज के समय में चंद्रमाओं का नक्षत्र कहते हैं. चंद्रमा सभी में से सबसे अधिक स्नेह रोहिणी को करते थे. इसको लेकर नाराज सभी कन्याओं ने राजा दक्ष से शिकायत की. इसके बाद राजा दक्ष ने चंद्रमा को सौंदर्य व तेज नष्ट होने श्राप दिया. चंद्रमा श्राप से बचने के लिए शिव जी की शरण में गए. शिव जी ने चंद्रमा की तपस्या से प्रसन्न होकर अपने सिर पर धारण किया था.

हाथों में डमरू

शिव जी के एक हाथ में डमरू होता है. इस डमरू को दुनिया का सबसे पहला वाद्य यंत्र माना जाता है. ऐसा माना जाता है जब शिव जी प्रसन्न होते हैं, तो डमरू बजाकर नृत्य करते हैं. संसार में जब मां सरस्वती ने वीणा के स्वर से ध्वनि को जन्म दिया, तब यह संगीतविहीन थी. उस समय भगवान शिव ने 14 बार डमरू बजाया था. इसी से व्याकरण, संगीत, छंद और ताल का जन्म हुआ.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें – Shani Vakri 2026: वक्री हुए शनिदेव, साढ़ेसाती और ढैय्या वाली राशियों को 138 दिनों तक रहना होगा सतर्क, वरना होगा नुकसान

गले में सर्प माला

भगवान शिव के गले में सांप विराजमान हैं. उनके गले में नागराज वासुकी हैं. नागराज वासुकी भगवान शिव के बड़े भक्त थे. ऐसा माना जाता है कि, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकी को ही मंथन के लिए डोरी बनाया था. भगवान शिव ने वासुकी की अटूट भक्ति को देखते हुए ही गले में आभूषण के तौर पर धारण किया.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola