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Gupt Navratri 2025 : पालकी पर आईं हैं देवी दुर्गा, यह शुभ है या अशुभ; जानें किस वाहन से होगी मां की वापसी?

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Live Updates

17:17 (IST) 26 Jun 2025

गुप्त नवरात्रि में करें मां के इन स्वरूपों की पूजा

गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं का पूजन काफी शुभ माना जाता है। इस दिन ये 10 महाविद्या मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी का पूजन करना चाहिए।

16:28 (IST) 26 Jun 2025

दुर्गा सप्तशती का करें पाठ

गुप्त नवरात्रि के दिनो में दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बेहद ही शुभ माना जाता है। देवी दुर्गा को इस दौरान लौंग और बताशे का भोग अर्पित करना न भूले। इसके साथ ही मां को लाल रंग के पुष्प अर्पित करें।

16:00 (IST) 26 Jun 2025

गुप्त नवरात्र न करें ये काम

गुप्त नवरात्र में भोजन में लहसुन और प्याज नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही इन दिनों में अपशब्दों का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन भी इन दिनों में सबसे आवश्यक होता है।

15:18 (IST) 26 Jun 2025

बिना गुरु और पूर्ण जानकारी के न करें तांत्रिक अनुष्ठान

पं. सुरेश पांंडेय के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में लोग बिना पूर्ण जानकारी के इंटरनेट से सीखकर तांत्रिक अनुष्ठान करने लगते हैं, लेकिन आपको इससे पूरी तरह से दूर रहना है। किसी भी प्रकार का तांत्रिक अनुष्ठान बिना गुरु या पूर्ण जानकारी के न करें।

14:04 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: नवरात्रि में 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ है सबसे अधिक फलदायी, भूल कर भी न करें ये 13 गलतियां

अठारह पुराणों में मार्कण्डेय पुराण एक ऐसा पुराण है, जिसमें भक्ति और पूजा के अनेक लाभकारी अनुष्ठान वर्णित हैं। इस पुराण में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की लीलाओं, शक्ति, और असुरों पर विजय की कथाएं वर्णित हैं। 'दुर्गा सप्तशती' 700 श्लोकों का संग्रह सबसे पहले इसी पुराण में प्राप्त होता है, जो बाद में अलग से प्रकाशित किया गया। इसे 'चंडी पाठ' भी कहते हैं। पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि नवरात्रि में 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ सबसे अधिक फलदायी होता है। लेकिन साधक को भूल कर भी इन 13 गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानते है, ये गलतियां क्या हैं? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी जानकारी

13:31 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: पालकी पर आईं हैं देवी दुर्गा, जानें किस वाहन से होगी मां की वापसी?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभारंभ आज 26 जून, 2025 से हो चुका है। इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर धरती पर आयीं हैं, जिसे अशुभ संकेत माना जा रहा है। आपको बता दें कि नवरात्रि के दौरण देवी दुर्गा का आगमन और प्रस्थान वाहन अलग-अलग होते हैं, जिनका प्रभाव देश-दुनिया पर पड़ता है। नवरात्रि नौ दिनों तक मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। सच्चे मन से उपासना करने पर भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। अबकी बार मां का प्रस्थान वाहन क्या होगा, यह भी महत्वपूर्ण है और इसका असर व्यापक माना जा रहा है। आइए जानते हैं, मां दुर्गा किस वाहन पर वापसी करेंगी और उसका देश-दुनिया पर क्या असर होगा? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी जानकारी

12:42 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में इन उपायों से 12 राशियों का होगा कल्याण: पंडित सुरेश पांडेय

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा को खुश करने के लिए कुछ उपाय करने लाभदायक होता है। इससे साधक को माता रानी से मनचाहा वर भी मिल सकता है। आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय ने मेष से लेकर मीन राशिवालों द्वारा आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के 9 दिन करने वाले उपायों के बारे में बताया है। आइए जाने हैं, क्या हैं राशि के अनुसार किये जाने वाले ये उपाय? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी जानकारी

11:25 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों में इन चीजों को खरीदना है बेहद शुभ

पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर्व केवल गुप्त विद्या की सिद्धि ही नहीं बल्कि आंतरिक शक्ति, साधना और आत्मिक शांति प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह उत्सव आने वाले 9 दिन यानी 4 जुलाई 2025 तक चलेगा। माना जाता है कि नवरात्रि के इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना और दश महाविद्या की साधना के साथ कुछ विशेष उपायों और कुछ खास चीजों को खरीदने के लिए भी शुभ होता है। आइए जानते है, नवरात्रि के 9 दिनों में किन-किन चीजों को खरीदना बेहद शुभ माना गया है... यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी जानकारी

10:24 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: आषाढ़ नवरात्रि में करें ये 3 सिद्ध उपाय, बरसेगी मां दुर्गा की कृपा

आषाढ़ नवरात्रि सिद्ध उपायों को सफल बनाने का एक श्रेष्ठ और उत्तम अवसर माना गया है। हिन्दू धर्म की मान्यता है आषाढ़ नवरात्रि के दौरान ब्रह्मांडीय शक्तियां विशेष रूप से सक्रिय होती हैं, जिससे तांत्रिक, मंत्र सिद्धि और साधना जल्दी फल देती हैं। यहां शास्त्रों में बताए गए 3 ऐसे उपायों के बारे में बताया गया हैं, जिन्हें नवरात्रि में करने से साधक को पैसों की कमी, गृह दोष, पितृ दोष र ख राब सेहत आदि समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं क्या हैं ये खास उपाय... यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी जानकारी

10:04 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: किस महाविद्या की पूजा से मिलता है क्या फल?

मां काली: ये काल विनाशिनी और मुक्ति की देवी हैं।

मां तारा: इन्हें ज्ञान और जीवनदायिनी शक्ति माना गया है।

मां त्रिपुर सुंदरी: मां त्रिपुर सुंदरी सौंदर्य, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना की देवी हैं। इन्हें 'षोडशी' भी कहते हैं।

मां भुवनेश्वरी: ब्रह्मांड की अधीश्वरी यानी स्वामिनी मां भुवनेश्वरी को ही माना गया है।

मां भैरवी: मां भैरवी साहस और आत्म-बलिदान की शक्ति की स्वामिनी हैं।

मां छिन्नमस्ता: मां का यह रूप आत्म-बलिदान और परिवर्तन का सर्वोच्च रूप माना गया है।

मां धूमावती: मां धूमावती रहस्य, तप और वैराग्य की देवी मानी जाती हैं।

मां बगलामुखी: संसार में किसी भी शत्रु के विनाश और विजय के लिए मां बगलामुखी की देवी उपासना की जाती है।

मां मातंगी: देवी शक्ति का यह रूप वाणी, कला और ज्ञान में वृद्धि करता है।

मां कमला: मां कमला की उपसान समृद्धि और सौभाग्य की देवी के रूप में किया जाता है।

09:30 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: होगी इन 10 महाविद्याओं की पूजा

आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि तांत्रिकों, जोगियों, गुप्त अनुष्ठान करने वालों और विशेष सिद्धियों की तलाश करने वाले साधकों के लिए काफी महत्व रखता है। ये साधक इस दौरान देवी शक्ति के 10 उग्र और अत्यंत प्रभावशाली रूपों की पूजा करते हैं। इन्हें 'दश महाविद्याएं' कहा जाता है।

ये महाविद्याएं हैं: मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां भैरवी, मां छिन्नमस्ता, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला।

आपको बता दें, ये दश महाविद्याएं मां आदिशक्ति के 10 रहस्यमयी रूप हैं, जो संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति, चेतना और सृजन की प्रतीक हैं।

08:50 (IST) 26 Jun 2025

Gupt Navratri 2025 LIVE: इसलिए कहते हैं गुप्त नवरात्रि

आषाढ़ नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें देवी दुर्गा की 10 महाविद्याओं की गुप्त रूप से पूजा और साधना की जाती है। ये साधनाएं अक्सर तंत्र से जुड़ी होती हैं और खासतौर पर विशेष साधकों द्वारा की जाती हैं, लेकिन आम भक्त भी श्रद्धा से देवी के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। इसे सार्वजनिक रूप से बड़े-बड़े पंडालों में उस धूमधाम से नहीं किया जाता है, जैसा कि चैत्र के बसंत नवरात्रि और आश्विन की शारदीय नवरात्रि में होता है।

Gupt Navratri 2025 : आषाढ़ नवरात्रि मां दुर्गा को समर्पित एक विशेष पर्व है। यह हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है और नवमी तिथि तक चलता है। इन 9 दिनों में भक्त उपवास रखते हैं। मां दुर्गा की कथा सुनते हैं। भजन-कीर्तन करते हैं और अपने मन की इच्छाओं की पूर्ति के लिए देवी मां से प्रार्थना करते हैं। यह पर्व आंतरिक शक्ति, साधना और आत्मिक शांति प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

इस बार आषाढ़ नवरात्रि पर्व आज बृहस्पतिवार 26 जून, 2025 से आरंभ हो रहा है। मातृ साधना का यह शक्ति पर्व 4 जुलाई, 2025 को समाप्त होगा। जानिए इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात, हर जानकारी और हर अपडेट…

 

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