Vat Savitri Mata ki Aarti Lyrics In Hindi: महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का खास महत्व होता है. ये व्रत पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह में आने वाली अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत रखा जाता है. महिलाएं इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ वट पेड़ की पूजा भी करती हैं. मान्यता है कि इसके बिना पूजा पूरी नहीं होती है. हालांकि, वट सावित्री व्रत की पूजा के दौरान माता सावित्री की आरती करना भी शुभ होता है.
आज हम आपको माता सावित्री की आरती के लिरिक्स के बारे में ही बताने जा रहे हैं, जिसे वट सावित्री व्रत पर पढ़ने का विधान है.
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माता सावित्री की आरती (Savitri Mata ki Aarti Lyrics In Hindi)
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री।
तुम ही रक्षक सबका, प्राणों का तुम प्राण
भक्तजन मिले सारे, नित्य करें तेरा ध्यान
ओम जय जय सावित्री, ओम जय जय गायत्री
भक्त तरसे तुम हो सभी विधि करें उपकार
अंतर्मन से सुमिर लो, सुने वो तभी पुकार,
ओम जय जय सावित्री।।
भक्तों का दुख भंजन रक्षा करें आठों याम,
दिव्य ज्योति तुम्हारी, रहें सदा अविराम
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
चारों विधि के मंत्रों का गुरु मंत्र तुम्हे कहते।
ऋषि मुनि योगी सारे गुणगान तुम्हारा करें।
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री।
हृदय विराजो हे मां, भटक न जाऊं किसी ओर
ले लो अपनी शरण में, न छूटे कभी डोर।
ओम जय जय सावित्री। ओम जय जय गायित्री।।
अपनी अनुपम तेज से जग पावन करती।।
ओम जय जय सावित्री।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.