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Narasimha Kavach: विरोधियों को परास्त करने के लिए करें नरसिंह कवच का पाठ, शत्रु बाधा और हर संकट होगा दूर

Narasimha Kavach: आप शत्रुओं से परेशआन हैं. शत्रु बाधा के कारण आपके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं. आप जीवन में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. ऐसे में शत्रुओं को शांत करने और विरोधियों को परास्त करने के लिए नरसिंह कवच का पाठ करें.

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Photo Credit- News24GFX

Narasimha Kavach: आज यानी 30 अप्रैल को नरसिंह जयंती का पर्व है. नरसिंह जयंती पर भगवान नरसिंह की पूजा के साथ ही खास उपाय को कर सकते हैं. नरसिंह भगवान की पूजा के साथ ही आप नरसिंह कवच का पाठ करें. नरसिंह कवच का पाठ करने से जीवन की बाधाओं को दूर करने और गुप्त शत्रुओं को शांत करने में मदद मिलेगी. भगवान का नरसिंह अवतार उग्र रूपों में से एक माना जाता है. यह स्वरूप भक्तों की रक्षा और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है. आप नरसिंह जयंती पर नरसिंह कवच का पाठ कर जीवन में चल रही परेशानियों का अंत कर सकते हैं.

श्री नरसिंह कवच का पाठ (Shri Narasimha Kavach Lyrics In Hindi)

नृसिंह कवचम वक्ष्येऽ प्रह्लादनोदितं पुरा ।
सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वोपद्रवनाशनं ॥

सर्वसंपत्करं चैव स्वर्गमोक्षप्रदायकम ।
ध्यात्वा नृसिंहं देवेशं हेमसिंहासनस्थितं॥

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विवृतास्यं त्रिनयनं शरदिंदुसमप्रभं ।
लक्ष्म्यालिंगितवामांगम विभूतिभिरुपाश्रितं ॥

चतुर्भुजं कोमलांगम स्वर्णकुण्डलशोभितं ।
ऊरोजशोभितोरस्कं रत्नकेयूरमुद्रितं ॥

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तप्तकांचनसंकाशं पीतनिर्मलवासनं ।
इंद्रादिसुरमौलिस्थस्फुरन्माणिक्यदीप्तिभि: ॥

विराजितपदद्वंद्वं शंखचक्रादिहेतिभि:।
गरुत्मता च विनयात स्तूयमानं मुदान्वितं ॥

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स्वहृतकमलसंवासम कृत्वा तु कवचम पठेत
नृसिंहो मे शिर: पातु लोकरक्षात्मसंभव:।

सर्वगोऽपि स्तंभवास: फालं मे रक्षतु ध्वनन ।
नरसिंहो मे दृशौ पातु सोमसूर्याग्निलोचन: ॥

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शृती मे पातु नरहरिर्मुनिवर्यस्तुतिप्रिय: ।
नासां मे सिंहनासास्तु मुखं लक्ष्मिमुखप्रिय: ॥

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सर्वविद्याधिप: पातु नृसिंहो रसनां मम ।
वक्त्रं पात्विंदुवदन: सदा प्रह्लादवंदित:॥

नृसिंह: पातु मे कण्ठं स्कंधौ भूभरणांतकृत ।
दिव्यास्त्रशोभितभुजो नृसिंह: पातु मे भुजौ ॥

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करौ मे देववरदो नृसिंह: पातु सर्वत: ।
हृदयं योगिसाध्यश्च निवासं पातु मे हरि: ॥

मध्यं पातु हिरण्याक्षवक्ष:कुक्षिविदारण: ।
नाभिं मे पातु नृहरि: स्वनाभिब्रह्मसंस्तुत: ॥

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ब्रह्माण्डकोटय: कट्यां यस्यासौ पातु मे कटिं ।
गुह्यं मे पातु गुह्यानां मंत्राणां गुह्यरुपधृत ॥

ऊरु मनोभव: पातु जानुनी नररूपधृत ।
जंघे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी ॥

सुरराज्यप्रद: पातु पादौ मे नृहरीश्वर: ।
सहस्रशीर्षा पुरुष: पातु मे सर्वशस्तनुं ॥

महोग्र: पूर्वत: पातु महावीराग्रजोऽग्नित:।
महाविष्णुर्दक्षिणे तु महाज्वालस्तु निर्रुतौ ॥

पश्चिमे पातु सर्वेशो दिशि मे सर्वतोमुख: ।
नृसिंह: पातु वायव्यां सौम्यां भूषणविग्रह: ॥

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ईशान्यां पातु भद्रो मे सर्वमंगलदायक: ।
संसारभयद: पातु मृत्यूर्मृत्युर्नृकेसरी ॥

इदं नृसिंहकवचं प्रह्लादमुखमंडितं ।
भक्तिमान्य: पठेन्नित्यं सर्वपापै: प्रमुच्यते ॥

पुत्रवान धनवान लोके दीर्घायुर्उपजायते ।
यंयं कामयते कामं तंतं प्रप्नोत्यसंशयं ॥

सर्वत्र जयवाप्नोति सर्वत्र विजयी भवेत ।
भुम्यंतरिक्षदिवानां ग्रहाणां विनिवारणं ॥

वृश्चिकोरगसंभूतविषापहरणं परं ।
ब्रह्मराक्षसयक्षाणां दूरोत्सारणकारणं ॥

भूर्जे वा तालपत्रे वा कवचं लिखितं शुभं ।
करमूले धृतं येन सिद्ध्येयु: कर्मसिद्धय: ॥

देवासुरमनुष्येशु स्वं स्वमेव जयं लभेत ।
एकसंध्यं त्रिसंध्यं वा य: पठेन्नियतो नर: ॥

सर्वमंगलमांगल्यंभुक्तिं मुक्तिं च विंदति ।
द्वात्रिंशतिसहस्राणि पाठाच्छुद्धात्मभिर्नृभि: ।

कवचस्यास्य मंत्रस्य मंत्रसिद्धि: प्रजायते।
आनेन मंत्रराजेन कृत्वा भस्माभिमंत्रणम ॥

तिलकं बिभृयाद्यस्तु तस्य गृहभयं हरेत
त्रिवारं जपमानस्तु दत्तं वार्यभिमंत्र्य च ॥

प्राशयेद्यं नरं मंत्रं नृसिंहध्यानमाचरेत ।
तस्य रोगा: प्रणश्यंति ये च स्यु: कुक्षिसंभवा: ॥

किमत्र बहुनोक्तेन नृसिंहसदृशो भवेत ।
मनसा चिंतितं यस्तु स तच्चाऽप्नोत्यसंशयं ॥

गर्जंतं गर्जयंतं निजभुजपटलं स्फोटयंतं
हरंतं दीप्यंतं तापयंतं दिवि भुवि दितिजं क्षेपयंतं रसंतं ।

कृंदंतं रोषयंतं दिशिदिशि सततं संभरंतं हरंतं ।
विक्षंतं घूर्णयंतं करनिकरशतैर्दिव्यसिंहं नमामि ॥

॥ इति प्रह्लादप्रोक्तं नरसिंहकवचं संपूर्णंम ॥

नरसिंह कवच पाठ करने के लाभ और विधि

नरसिंह कवच का पाठ करने के लिए भगवान नरसिंह की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करें. इसके बाद भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाएं. नरसिंह भगवान का ध्यान करें और नरसिंह कवच का पाठ करें. नरसिंह कवच का पाठ करने से बुरी ऊर्जा और बुरी नजर से मुक्ति मिलती है. नरसिंह कवच के पाठ से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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