Kartikeya Chalisa Lyrics In Hindi: सनातन धर्म में प्रत्येक देवी-देवता का वर्णन बहुत ही खूबसूरत तरीके से किया गया है, जिनकी पूजा-अर्चना करने से साधक को विशेष लाभ होता है. इसी में से एक भगवान कार्तिकेय भी हैं, जो कि देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र हैं. इसके अलावा रिश्ते में गणेश जी श्री कार्तिकेय के छोटे भाई लगते हैं. श्री कार्तिकेय बहादुरी, सुरक्षा और जीत का प्रतिनिधित्व करते हैं. साथ ही वो देवताओं के सेनापति हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है. साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि, शांति, खुशहाली और वैभव का वास होता है. हालांकि, भगवान कार्तिकेय को खुश करने के लिए उनकी आरती और चालीसा पढ़ना व सुनना भी शुभ होता है. आइए जानते हैं श्री कार्तिकेय जी के चालीसा के सही लिरिक्स के बारे में.
श्री कार्तिकेय चालीसा (Kartikeya Chalisa In Hindi)
॥ दोहा ॥
जय जय जय कार्तिकेय, शंकर-सुवन कृपाल।
शिवदत्तं सुत तेहि, तात मेटहु सब विकार॥
जय जय श्री कार्तिकेय स्वामी। जय शिवसुत, भक्त सुखधामी॥
महिमा अपार आपकी गाई। संतन को शक्ति प्रभु पाई॥
शिव शिवा तनय बालक प्यारे। कार्तिकेय सुखधाम हमारे॥
ध्वजा धारण कर दुर्जन मारो। भक्तों का दुख हरन निवारो॥
गजमुख दैत संहारक तुम्ह हो। तारकासुर विदारक तुम्ह हो॥
मोदक प्रिय, मन भायो भोजन। कुमुद पाठ प्रिय, भव रंजन॥
सिंह वाहिनी, ध्वजा तुम धारी। दुष्टों का दल करहो संहारी॥
शिव के सुत तुम, शक्ति के धामा। जय कार्तिकेय, जय जय नामा॥
सुमुख नंदन, तारक भ्राता। शिव समान सदा सुजाता॥
मातु पार्वती तव नाम पुकारो। पुत्र सखा सबहि उबारो॥
शक्ति रूप हो, विनायक भ्राता। शिव-शिवा के, कुल के गाता॥
पार्वती के पुत्र प्यारे। तारकासुर विदारक न्यारे॥
भक्तों के तुम विपत्ति हरो। जय जय जय कार्तिकेय करो॥
गणपति के प्रिय, तारक नंदन। शिव शिवा के लाड़ले बंदन॥
तारकासुर का संहारक तुम हो। दुःखों का दल हारक तुम हो॥
करहु कृपा हम पर प्रभु प्यारे। सकल दुखों को हरणवारे॥
जय जय श्री कार्तिकेय भगवान। सदा सुखधाम, सब दुख निधान॥
शरणागत जन नाथ तुहि, सेवक सेवक दासा।
करुणा करि रक्षा करो, श्री कार्तिकेय त्रिनाथ॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.