Kaal Bhairav Ashtakam Kalashtami 2026: कालाष्टमी का दिन भगवान कालभैरव की पूजा के लिए खास होता है. 8 जून को अधिकमास कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा. आप अधिकमास की कालाष्टमी पर कालभैरव भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा-अर्चना करें. इसके साथ ही आप श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र का पाठ अवश्य करें. भक्त श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र का पाठ कर कालभैरव भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं. आप यहां श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र के लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र (Kaal Bhairav Ashtakam Stotram)
देवराज-सेव्यमान-पावनांघ्रि-पंकजं
व्यालयज्ञ-सूत्रमिंदु-शेखरं कृपाकरम् ।
नारदादि-योगिबृंद-वंदितं दिगंबरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 1 ॥
भानुकोटि-भास्वरं भवब्धितारकं परं
नीलकंठ-मीप्सितार्थ-दायकं त्रिलोचनम् ।
कालकाल-मंबुजाक्ष-मक्षशूल-मक्षरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 2 ॥
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शूलटंक-पाशदंड-पाणिमादि-कारणं
श्यामकाय-मादिदेव-मक्षरं निरामयम् ।
भीमविक्रमं प्रभुं विचित्र तांडव प्रियं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 3 ॥
भुक्ति-मुक्ति-दायकं प्रशस्तचारु-विग्रहं
भक्तवत्सलं स्थिरं समस्तलोक-विग्रहम् ।
निक्वणन्-मनोज्ञ-हेम-किंकिणी-लसत्कटिं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 4 ॥
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धर्मसेतु-पालकं त्वधर्ममार्ग नाशकं
कर्मपाश-मोचकं सुशर्म-दायकं विभुम् ।
स्वर्णवर्ण-केशपाश-शोभितांग-मंडलं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 5 ॥
रत्न-पादुका-प्रभाभिराम-पादयुग्मकं
नित्य-मद्वितीय-मिष्ट-दैवतं निरंजनम् ।
मृत्युदर्प-नाशनं करालदंष्ट्र-मोक्षदं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 6 ॥
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अट्टहास-भिन्न-पद्मजांडकोश-संततिं
दृष्टिपात-नष्टपाप-जालमुग्र-शासनम् ।
अष्टसिद्धि-दायकं कपालमालिका-धरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 7 ॥
भूतसंघ-नायकं विशालकीर्ति-दायकं
काशिवासि-लोक-पुण्यपाप-शोधकं विभुम्।
नीतिमार्ग-कोविदं पुरातनं जगत्पतिं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ 8 ॥
फलश्रुति
कालभैरवाष्टकं पठंति ये मनोहरं
ज्ञानमुक्ति-साधनं विचित्र-पुण्य-वर्धनम् ।
शोकमोह-लोभदैन्य-कोपताप-नाशनं [दैन्यलोभ]
ते प्रयांति कालभैरवांघ्रि-सन्निधिं ध्रुवम् ॥
इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचर्यस्य
श्रीगोविंदभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य
श्रीमच्छंकरभगवतः कृतौ
श्री कालभैरवाष्टकं संपूर्णम्।
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श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र पाठ विधि
आप इसका पाठ स्नान कर साफ वस्त्र पहनने के बाद कर सकते हैं. कालाष्टमी के दिन आप कालभैरव की पूजा करें और प्रतिमा के समक्ष बैठकर श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र का पाठ करें. इसके साथ ही आप कालभैरव भगवान को प्रसन्न करने के लिए श्री कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र के पाठ के साथ ही उनके मंत्रों का जाप करें. कालभैरव भगवान के मंत्रों का जाप कर आप उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं.
कालभैरव भगवान मंत्र
ॐ कालभैरवाय नमः
ॐ कालकालाय विद्महे,कालातीताय धीमहि,तन्नो भैरवः प्रचोदयात्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं॥
अग्रे वलं पृष्ठे वलं वलं महावलं महाबलम्।अवलं सर्वतो वलं देहि भैरव-नमस्ते॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.