ईरान के युवाओं का IQ इतना ज्यादा क्यों है? रैंक जानकर चौंक जाएंगे आप!

ईरान दशकों से कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आंतरिक पाबंदियों का सामना कर रहा है, लेकिन इन सबके बावजूद वहां के युवाओं का बौद्धिक स्तर यानी आईक्यू (IQ) दुनिया को हैरान कर रहा है.

Iran youth IQ ranking (7)
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हालिया आंकड़ों के मुताबिक ईरान 106.3 के औसत स्कोर के साथ दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल है और वर्ष 2025 की स्टडी में 137 देशों के बीच चौथे पायदान पर रहा है.

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क्या कहता है आईक्यू रैंकिंग का ताजा डेटा?

क्या कहता है आईक्यू रैंकिंग का ताजा डेटा?2 / 8

इंटरनेशनल आईक्यू टेस्ट की 2026 की रैंकिंग में दक्षिण कोरिया पहले और चीन दूसरे नंबर पर है, जबकि ईरान 104.80 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर है. दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में अमेरिका 18वें और इजरायल 48वें नंबर पर है, जो ईरान की मजबूत तार्किक क्षमता को दर्शाता है.

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शिक्षा और साक्षरता दर में कैसे आया बदलाव?

शिक्षा और साक्षरता दर में कैसे आया बदलाव?3 / 8

ईरान की इस कामयाबी के पीछे शिक्षा के क्षेत्र में किया गया भारी निवेश सबसे बड़ी वजह है, जिससे ग्रामीण इलाकों में साक्षरता दर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है. वहां विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर इतना जोर दिया गया है कि आज ईरान दुनिया के टॉप 5 इंजीनियरिंग ग्रेजुएट पैदा करने वाले देशों में शामिल है.

कोंकुर परीक्षा और कंपटीशन का युवाओं पर असर?

कोंकुर परीक्षा और कंपटीशन का युवाओं पर असर?4 / 8

ईरान में विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली 'कोंकुर' परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जो छात्रों को मानसिक रूप से बहुत मजबूत बनाती है. इस कड़े मुकाबले की तैयारी करते हुए छात्र जटिल समस्याओं को हल करने और ऊंचे स्तर की बौद्धिक क्षमता विकसित करने में माहिर हो जाते हैं.

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ऐतिहासिक विरासत और बहुभाषी होने का लाभ?

ऐतिहासिक विरासत और बहुभाषी होने का लाभ?5 / 8

प्राचीन फारस की समृद्ध सभ्यता और बौद्धिक विरासत युवाओं को मानसिक रूप से विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाती है क्योंकि वहां ज्ञान को हमेशा सर्वोच्च स्थान मिला है. इसके साथ ही फारसी के अलावा क्षेत्रीय भाषाएं बोलने की क्षमता भी दिमाग को पैटर्न पहचानने और समस्या सुलझाने में दूसरों से बेहतर बनाती है.

आईक्यू स्कोर मापने के तरीके पर क्यों उठते हैं सवाल?

आईक्यू स्कोर मापने के तरीके पर क्यों उठते हैं सवाल?6 / 8

ईरान का यह शानदार स्कोर मुख्य रूप से ऑनलाइन टेस्ट पर आधारित है, जिसे देने वाले लोग अक्सर बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे और तकनीक के जानकार होते हैं. आलोचकों का मानना है कि यह रैंकिंग पूरी आबादी का नहीं बल्कि केवल उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जिनकी इंटरनेट तक पहुंच है, इसलिए यह पूरी तरह सटीक नहीं है.

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वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति क्या है?

वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति क्या है?7 / 8

साल 2026 के वैश्विक आंकड़ों के अनुसार आईक्यू रैंकिंग में भारत 98.44 के औसत स्कोर के साथ दुनिया में 50वें स्थान पर मौजूद है. हालांकि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ट के सैम्पल साइज और मापने के अलग-अलग तरीकों की वजह से रैंकिंग में अंतर आता रहता है.

आखिर क्या होता है आईक्यू और इसके फायदे?

आखिर क्या होता है आईक्यू और इसके फायदे?8 / 8

आईक्यू किसी व्यक्ति की वह क्षमता है जिससे उसकी तार्किक सोच, गणितीय समझ और मुश्किल हालातों में फैसले लेने की ताकत को मापा जाता है. बेहतर आईक्यू वाले लोग कोडिंग और जटिल पैटर्न को बहुत तेजी से समझ लेते हैं, जिससे उन्हें नई और अपरिचित स्थितियों में खुद को ढालने में आसानी होती है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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