ट्रंप के 'सीजफायर' से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, भारत पर क्या असर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान किया तो कच्चे तेल की कीमतों में आठ फीसदी की तगड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल नजर आया. चंद दिन पहले 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी यूएस क्रूड ऑयल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल पर सिमट गई.

आसमान छू रही थीं कीमतें
2 / 5बीते कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के खतरे के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं. इसी का नतीजा है कि जहां सीजफायर के फैसले से जहां कच्चे तेल के दाम गिरे हैं, वहीं अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में जबरदस्त उछाल देखा गया है.
अब उम्मीदें 10 की शांति वार्ता पर
3 / 5अमेरिका, ईरान और इजरायल अब जंग के मैदान की बजाय पाकिस्तान में 10 अप्रैल को आमने-सामने बैठेंगे और शांति वार्ता में अपनी बात रखेंगे. यदि शांति वार्ता सफल रहती है, तो स्ट्रेट होर्मुज से तेल की सप्लाई फिर से सुचारू हो जाएगी और कच्चा तेल और सस्ता होने के आसार बनेंगे.
भारत पर क्या होगा असर?
4 / 5कच्चे तेल की कीमतों में आई यह 8% की गिरावट भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जब कच्चे तेल के दाम $100 के नीचे आए तो आने वाले समय में घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 से 7 रुपये तक की कटौती की संभावना बन सकती है.
कीमतों में क्यों आई यह गिरावट?
5 / 5अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति को टालने के लिए एक नए समझौते पर चर्चा शुरू हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कड़े फैसलों के साथ-साथ कूटनीति का रास्ता भी अपना सकते हैं.
