मिडिल ईस्ट का इकलौता देश जहां जंग का कोई असर नहीं, लोग जी रहे सुकून की जिंदगी
Peaceful Country in Middle East: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव का असर लगभग सभी खाड़ी देशों पर दिख रहा है, लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां जंग बेअसर है और लोग शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं.

Peaceful Country in Middle East: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच ओमान इकलौता ऐसा खाड़ी देश है, जो 'ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर' की नीति पर कायम है. तटस्थता के कारण यह देश युद्ध की मार से बचा हुआ है और यहां के लोग अपनी खुशहाल जिंदगी और मजबूत अर्थव्यवस्था का आनंद ले रहे हैं.
युद्ध से दूरी
2 / 6ओमान ने ईरान और अमेरिका दोनों के साथ अपने रिश्तों को बेहद सलीके से संतुलित कर रखा है. रणनीतिक समझदारी दिखाते हुए उसने कभी भी किसी बड़े देश को अपने यहां स्थाई सैन्य बेस बनाने की अनुमति नहीं दी.
व्यापारिक सुरक्षा
3 / 6होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से जहां पड़ोसी देशों का धंधा चौपट है, वहीं ओमान के बंदरगाह खुले समुद्र में होने के कारण सुरक्षित हैं. सोहार और दुकुम जैसे पोर्ट्स अब दूसरे देशों के लिए भी माल सप्लाई का एक वैकल्पिक हब बन गए हैं.
भारतीयों का दबदबा
4 / 6ओमान की 55 लाख की आबादी में करीब 8 लाख भारतीय हैं, जो यहां की अर्थव्यवस्था और सेवाओं में रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं. यहां के सुल्तान भारतीयों को इतना पसंद करते हैं कि उनके महल के खास स्टाफ में भी भारतीयों की बड़ी संख्या है.
रेगिस्तान में भी आत्मनिर्भरता की ओर
5 / 6अपनी शुष्क जमीन के बावजूद ओमान ने तकनीक के दम पर अपनी खाद्य सुरक्षा को 66% तक पहुंचा दिया है. अनाज और फलों के लिए वह काफी हद तक भारत पर निर्भर है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते और मजबूत हुए हैं.
तेल के साथ-साथ नए रास्तों की तलाश
6 / 6ओमान की कमाई का मुख्य जरिया अब भी तेल और गैस है, लेकिन वह 'विजन 2040' के तहत अन्य क्षेत्रों में पैर पसार रहा है. शांतिपूर्ण माहौल और कम अपराध दर की वजह से यह देश विदेशी निवेश और प्रवासियों के लिए पहली पसंद बना हुआ है.