PPF में छोटी सी चूक करवा सकती है तगड़ा नुकसान, 5 अप्रैल से पहले करें ये काम
1 अप्रैल 2026 से नया वित्त वर्ष शुरू होते ही निवेश और टैक्स प्लानिंग का सही समय है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सुरक्षित और लंबे समय का निवेश विकल्प है, जिस पर फिलहाल 7.1% ब्याज मिल रहा है. छोटी सी चूक आपको तगड़ा नुकसान करवा सकती है. जानें, इस नुकसान से कैसे बचें?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में अगर आपका खाता है तो आप 5 अप्रैल से पहले यह काम कर बड़े नुकसान से बच सकते हैं. PPF में मोटे ब्याज दर को देखते हुए हर कोई इसमें निवेश करना चाहता है, लेकिन इस बार यह निवेश आपको 5 अप्रैल से पहले करना होगा. जानें, क्यों है यह जरूरी?
5 अप्रैल तक निवेश क्यों जरूरी
2 / 6PPF में ब्याज हर महीने 5 तारीख से अंत तक के न्यूनतम बैलेंस पर गिना जाता है. अगर आप 5 अप्रैल तक पैसा जमा कर देते हैं, तो आपको पूरे महीने का ब्याज मिलता है. अगर देर हुई, तो एक महीने का ब्याज छूट सकता है. यदि आप ऐसे निवेशक हैं जो एकमुश्त निवेश का विकल्प नहीं चुनते, बल्कि इसके बजाय मासिक आधार पर निवेश करते हैं, तो इसका आप पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा.
इतने का हो सकता है नुकसान
3 / 6अगर आपने साल के दौरान डेढ़ लाख रुपए का निवेश किया है तो एक महीने के लिए आपको मिलने वाला ब्याज करीब 887 रुपए होगा. सालाना आधार पर यह 10,650 रुपए होता है, इसलिए, 5 अप्रैल के बाद निवेश करने पर कुल रकम में से 900 रुपए का नुकसान होगा, जिससे आपको 1.5 लाख रुपए के निवेश पर 9,762.5 रुपए मिलेंगे.
15 साल में तगड़ा होगा नुकसान
4 / 6चक्रवृद्धि ब्याज के नजरिए से देखें तो जब यह रकम मई में आपके PPF खाते में जमा होती है तो अगले महीने इस पर जो ब्याज गिना जाएगा, वह ज्यादा होगा; ऐसा इसलिए, क्योंकि 5 मई को आपके खाते में मौजूद न्यूनतम बैलेंस 887.5 रुपए ज़्यादा होगा. 15 साल के दौरान चक्रवृद्धि ब्याज की इस ताकत को कम करके नहीं आंका जा सकता.
टैक्स में छूट के साथ-साथ 7.1% की ब्याज दर
5 / 6पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) टैक्स में छूट के साथ-साथ 7.1% की ब्याज दर भी देता है, जो इसे एक सुरक्षित और लंबे समय के लिए निवेश का अच्छा विकल्प बनाता है. अगर आप PPF में निवेश करते हैं, तो कोशिश करें कि हर साल 5 अप्रैल से पहले पैसा जमा करें. इससे आपको ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न मिलेगा.
PPF बचत योजना क्यों है खास?
6 / 6PPF सरकार द्वारा समर्थित एक बचत योजना है, जिसमें निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स छूट की गारंटी मिलती है और इस तिमाही में इसकी निश्चित ब्याज दर 7.1% है. भारत में लंबे समय के लिए, रिटायरमेंट और टैक्स प्लानिंग के लिए यह सबसे सुरक्षित बचत विकल्प माना जाता है.