भारत के इस राज्य में मिले वासुकी नाग के अवशेष, 4.7 करोड़ साल पहले धरती पर था नाग देवता का राज!
World Ancient Snake: क्या आप जानते हैं कि भारत के एक राज्य में 'वासुकी नाग' के प्राचीन अवशेष मिले हैं? 4.7 करोड़ साल पुराने इस विशालकाय सांप के रहस्य जानकर पूरी दुनिया दंग है.

गुजरात के कच्छ में मिले दुनिया के सबसे विशाल सांप के जीवाश्म को 'वासुकी इंडिकस' नाम दिया गया है. यह प्रागैतिहासिक सांप करीब 4.7 करोड़ साल पहले धरती पर राज करता था जिसकी लंबाई 49 फीट तक आंकी गई है.
कितना है वजन?
2 / 6वैज्ञानिकों के अनुसार इस विशालकाय सांप का वजन करीब 1,000 किलोग्राम यानी एक टन के आसपास रहा होगा. इसका शरीर इतना चौड़ा और भारी था कि इसने अब तक के सबसे बड़े सांप टाइटनोबोआ को भी पीछे छोड़ दिया है.
कहां मिला अवशेष?
3 / 6साल 2005 में कच्छ की एक खदान से इस सांप की रीढ़ की हड्डियों के 27 टुकड़े बरामद किए गए थे. आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने 20 साल की कड़ी मेहनत के बाद इस अद्भुत खोज को दुनिया के सामने पेश किया है.
क्या थी खासियत?
4 / 6वासुकी इंडिकस एक बेहद धीमी गति का शिकारी था जो अपने शिकार को एनाकोंडा की तरह जकड़कर मार डालता था. यह प्राचीन काल के मगरमच्छों और कछुओं का शिकार करता था और दलदली जंगलों में अपना बसेरा बनाता था.
क्यों पड़ा नाम?
5 / 6इस सांप का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान शिव के गले में लिपटे 'वासुकी नाग' के नाम पर रखा गया है. यह नामकरण विज्ञान और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के बीच एक बहुत ही सुंदर मेल दिखाता है.
कैसे हुआ विकास?
6 / 6माना जाता है कि उस समय की गर्म जलवायु ने इस सांप को इतना विशाल आकार लेने में पूरी मदद की थी. यह खोज न केवल सांपों के विकास को समझने में सहायक है बल्कि भारत की पुरानी जैव विविधता को भी दर्शाती है.