
1 / 9
The Railway Men Netflix Series: कुछ सीरीज आपकी आत्मा को हिलाकर रख सकती हैं. ऐसी ही एक टीवी सीरीज, जो कि सच्ची घटना पर आधारित है. यह सोंचकर ही रोंगटे खड़े होते हैं कि एक केमिकल लीक ने जगह जगह लाशों का ढे़र इक्ट्ठा कर दिया था. 8.5 IMDb वाली ये टीवी सीरीज उस रात की असली सच्चाई को दिखाती है.

2 / 9
कुछ रातें इतिहास के पन्नों में सबसे भयानक रातों में से एक हैं. ऐसी ही भोपाल की एक रात इतनी खराब बीती, जिसने कई लोगों की जान ले ली. इस जान के पीछे एक केमिकल का लीक होना था, जिससे पूरा शहर तबाह हो गया था.

3 / 9
2 दिसंबर 1984 की रात भोपाल शहर में सब कुछ सामान्य था. लोग सो रहे थे, बच्चे सपने देख रहे थे. लेकिन यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसायनेट (MIC) नाम की जहरीली गैस लीक हो गई. यह गैस हवा में फैल गई और हजारों लोगों की सांसें रोक दी. यह दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटना बनी.

4 / 9
सुबह होते-होते सड़कों पर लोग गिरने लगे. आंखों में जलन, सांस लेना मुश्किल, मुंह से खून आने लाग. अस्पताल लोगों और लाशों से भरने लगे थे. यहां तक की खुद डॉक्टर भी बच नहीं पा रहे थे. जगह-जगह लाशों के ढेर लग गए.

5 / 9
लोग एक दूसरे की लाशों को पहचान नहीं पा रहे थे. किसी ने जलन से बचने के लिए नदी में कूदकर जान दे दी, तो कोई तड़पते तड़पते मर गया. बच्चे, बूढ़े, जवान, कोई नहीं बचा. हजारों लोग मारे गए और लाखों आज तक बीमार हैं. पूरा शहर मौत की चुप्पी में डूब गया.

6 / 9
इस भयानक त्रासदी में कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया. भोपाल रेलवे स्टेशन के कर्मचारी,जैसे कि स्टेशन मास्टर, इंजीनियर और अन्य लोग. जब गैस फैल रही थी, तब उन्होंने यात्रियों को बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिए.

7 / 9
इस सच्ची घटना पर आधारित Netflix पर ऐसी ही एक मिनी सीरीज बनी है, जिसमें भोपाल की ऐसी भयावह घटना दिखाई गई है. इसमें र. माधवन, के.के. मेनन जैसे बड़े कलाकार हैं. सीरीज 4 एपिसोड की है और IMDb पर 8.5 रेटिंग है.

8 / 9
यह सीरीज सिर्फ त्रासदी नदीं दिखाती बल्कि उन अनसुने किस्सों के बारे में दिखाया, जिससे इतनी बड़ी घटना हुई. इसमें उन बहादुर वीरों के बारे में भी बताया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों को बचाया.

9 / 9
इस टीवी सीरीज को देखते समय आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. इसमें आपको लोगों का दर्द और तकलीफों के बारे में पता चलेगा. भोपाल गैस कांड हमें सिखाता है कि सुरक्षा को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. बड़ी कंपनियां पैसे के लिए जान जोखिम में डालती हैं, लेकिन आम आदमी की कीमत क्या है?