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प्राचीन मिस्त्र की ममियों का अध्ययन हमेशा से रहस्यमयी रहा है, लेकिन अब आधुनिक तकनीक ने इन हजारों साल पुरानी लाशों के राज खोल दिए हैं. हाल ही में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया (USC) के केक मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने दो प्राचीन मिस्त्र की ममियों का हाई-रेजोल्यूशन CT स्कैन किया.

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प्राचीन मिस्त्र की ममियों का अध्ययन करना हमेशा से रहस्यमयी रहा है, लेकिन अब आधुनिक तकनीक ने इन हजारों साल पुरानी लाशों के कई राजों को भी खोल दिया है. मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया (USC) के केक मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने दो प्राचीन मिस्त्र की ममियों का हाई-रेजोल्यूशन CT स्कैन किया. ये ममियां नेस-मिन (लगभग 330 ईसा पूर्व) और नेस-होर (लगभग 190 ईसा पूर्व) की हैं, जो पुजारी थे. स्कैन की रिपोर्ट देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए, क्योंकि इसमें ऐसी-ऐसी बातें सामने आईं हैं जो आज के इंसानों से बिल्कुल मिलती जुलती हैं.

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बता दें कि ये स्कैन अस्पताल ग्रेड 320-स्लाइस CT मशीन से किए गए, जिसमें ममी को उसके भारी सरकोफैगस (ताबूत) के निचले हिस्से में ही रखा गया. इससे 50,000 से ज्यादा इमेजेस बनीं, जो 3डी मॉडल में बदली गई. वहीं, रिपोर्ट में ये भी पता चला कि नेस-मिन को गंभीर लोअर बैक पेन (कमर दर्द) था- स्पाइन में डिजनरेशन और कोलैप्स्ड लोअर बैक दिखा, जो आज के समय में भी ऑफिस वर्कर्स या भारी काम करने वालों में भी आम है.

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मिली जानकारी के अनुसार, नेस-होर (जो उम्र में बड़े थे) को हिप (कूल्हे) का गंभीर डिजनरेशन था, दांतों में कई समस्याएं जैसे कैविटी और टूथ लॉस भी हुआ था. वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया कि उनकी दर्दनाक मौत हुई होगी. वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये लगी कि 2000 साल पहले भी इंसान पीठ दर्द, जोड़ों की समस्या और दांतों की तकलीफ से जूझते थे- ठीक वैसे ही जैसे आज के समय में लोगों को होता है.

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वहीं, डॉ. समर डेकर, जो 3D इमेजिंग डायरेक्टर हैं, ने कहा, 'ये स्कैन पहले भी हुए थे, लेकिन नई तकनीक से इतनी डिटेल मिली कि हम हैरान हैं.' ये हमें बताता है कि प्राचीन मिस्त्रवासी भी उम्र बढ़ने के साथ कई गंभीर बीमारियों से झूझते थे.' स्कैन से चेहरे की बारीकियां भी साफ दिखाई दीं. जिसमें पलकें, होंठ का शेप, यहां तक कि आंखों की डिटेल्स भी दिखाई दी. इससे उनकी लाइफस्टाइल का अंदाजा लगाया गया.

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बता दें कि सीटी स्कैन में इन ममियों के साथ दफन हुईं कई चीजों का भी खुलासा हुआ है. नेस-मिन के लिनेन में स्कारब बीटल (संतान के प्रतीक) और एक मछली के आकार की चीजें मिलीं, जो 2000 साल से छिपी थीं. ये अमूलेट्स (ताबीज) जीवन के बाद सुरक्षा के लिए रखे गए थे. नेस-होर में भी इसी तरह की डिटेल्स थी. ये खोज बताती है कि मिस्त्र की मुर्दा संस्कृति कितनी जटिल थी- मौत के बाद भी शरीर को संरक्षित रखना और दफन में वस्तुएं रखना उनके लिए आम था.