पांडु पुत्र भीम को दिल दे बैठी थी राक्षसी हिडिंबा, माता कुंती ने इस शर्त पर दी थी विवाह की मंजूरी

Bhim Hidimba Vivah Story: जब भी महाभारत युद्ध की बात की जाती है तो सबसे पहले पांडु पुत्र और द्रौपदी का जिक्र होता है. पांडवों और द्रौपदी के जीवन से जुड़ी कई कहानियां हैं, जिनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं. इसी में से एक कथा पांडु पुत्र भीम और राक्षसी हिडिंबा के विवाह से जुड़ी है, जिससे जुड़े विभिन्न अनसुने राज आपके यहां पर जानने को मिलेंगे.

Bhim Hidimba Vivah Story
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पांडु पुत्र भीम को महाभारत काल के सबसे शक्तिशाली व महान योद्धाओं में से एक माना जाता है, जिनके अंदर 10,000 हाथियों का बल था. ये बात तो अधिकतर लोगों को पता है कि भीम का विवाह द्रौपदी से हुआ था, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि पांडु पुत्र ने एक राक्षसी से भी विवाह किया था, जिसके लिए माता कुंती ने एक शर्त रखी थी. आज हम आपको भीम और राक्षसी हिडिंबा के विवाह से जुड़ी दिलचस्प कथा के बारे में बताने जा रहे हैं. (Image Credit- Social Media)

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भीम को मन ही मन चाहने लगी थी राक्षसी हिडिंबा

भीम को मन ही मन चाहने लगी थी राक्षसी हिडिंबा2 / 6

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल के दौरान द्रौपदी से विवाह करने के बाद कुछ समय के लिए भीम वन में अलग रहने के लिए गए थे. इस दौरान राक्षसी हिडिंबा ने भीम को देखा और उनसे मोहित हो गई. हिडिंबा ने भीम से बातचीत की और उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा. (Image Credit- Pinterest)

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भीम ने ठुकरा दिया था राक्षसी हिडिंबा का प्रस्ताव

भीम ने ठुकरा दिया था राक्षसी हिडिंबा का प्रस्ताव3 / 6

कहा जाता है कि भीम ने हिडिंबा के विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, लेकिन राक्षसी ने ठान लिया था कि वो भीम से विवाह करके ही मानेगी. जब ये बात माता कुंती को पता चली तो वो तुरंत मान गई, परंतु उन्होंने राक्षसी हिडिंबा के सामने एक शर्त रखी. (Image Credit- Social Media)

माता कुंती ने रखी थी ये शर्त

माता कुंती ने रखी थी ये शर्त4 / 6

माता कुंती ने राक्षसी हिडिंबा से वचन लिया कि भीम तब तक ही तुम्हारे साथ रहेगा, जब तक तुम्हारा एक पुत्र नहीं हो जाता. राक्षसी हिडिंबा माता कुंती की शर्त मान गई, जिसके बाद जंगल में ही भीम और हिडिंबा का विवाह हुआ. (Image Credit- Pinterest)

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भीम की तरह अत्यंत बलशाली था घटोत्कच

भीम की तरह अत्यंत बलशाली था घटोत्कच5 / 6

बता दें कि शादी के कुछ साल बाद भीम और हिडिंबा को एक पुत्र हुआ, जिसका नाम उन्होंने घटोत्कच (Ghatotkach) रखा. घटोत्कच भीम की तरह अत्यंत बलशाली था, जिसने महाभारत युद्ध में पांडवों का साथ भी दिया था. (Image Credit- Pinterest)

कलयुग में पूजे जाते हैं भीम के पोते बर्बरीक

कलयुग में पूजे जाते हैं भीम के पोते बर्बरीक6 / 6

आज देशभर में खाटूश्याम बाबा के बड़ी संख्या में भक्त हैं, लेकिन क्या आपको ये पता है कि खाटूश्याम यानी बर्बरीक ही भीम के पोते हैं. घटोत्कच का विवाह देवी अहिलावती से हुआ था, जिनका पुत्र और कोई नहीं बल्कि बर्बरीक जी थे. बर्बरीक को कलयुग में खाटूश्याम बाबा के रूप में पूजा जाता है, जिनका एक नाम हारे का सहारा भी है. (Image Credit- Pinterest) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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