Kalashtami Puja Benefits: कालाष्टमी पर क्यों करते हैं भगवान भैरव की पूजा, जानें महत्व और रोचक फैक्ट्स
Kalashtami Puja Benefits: वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भैरव अष्टमी या कालाष्टमी मनाया जाता है. कालाष्टमी पर भगवान भैरव की पूजा से भय, शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सुरक्षा की अनुभूति होती है.

कालाष्टमी पूजा के लाभ
2 / 6Kalashtami PujaBenefits: वैशाख माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को भैरव अष्टमी या कालाष्टमी कहा जाता है. यह दिन भगवान शिव के उग्र रूप, काल भैरव, को समर्पित है. इस दिन उनकी पूजा से भय, शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. भक्ति और उपवास से मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सुरक्षा की अनुभूति होती है. आइए जानते हैं, भगवान भैरव की पूजा का महत्व और इससे जुड़े रोचक फैक्ट्स.
भगवान शिव का रौद्र रूप
3 / 6काल भैरव भगवान शिव का रौद्र और उग्र रूप हैं. उन्हें नरमंडल की माला और गले में ताम्र मुखौटा पहने देखा जाता है. उनके सिर पर अक्सर भय और न्याय का प्रतीक होता है. यही कारण है कि उनका रूप भक्तों को डर नहीं, बल्कि साहस और सुरक्षा का अनुभव कराता है.
ब्रह्मा का अहंकार
4 / 6पौराणिक कथा के अनुसार, काल भैरव ने ब्रह्मा जी के अहंकार को काटने के लिए उनका पांचवां सिर काटा था. यही वजह है कि उन्हें अहंकार और नकारात्मकता नष्ट करने वाला माना जाता है. साथ ही, भैरव बाबा काशी के रक्षक हैं और इन्हें 'काशी का कोतवाल' कहा जाता है.
कब करें काल भैरव की पूजा
5 / 6काल भैरव की पूजा रात में या निशाकाल में करना विशेष फलदायी माना जाता है. इस दिन काले कुत्ते को भोजन देने की परंपरा है. इससे राहु-केतु और शनि के दोष कम होते हैं. भक्त भैरव मंत्र 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं' का जाप करके सुरक्षा और सफलता प्राप्त करते हैं.
सुरक्षा और भय से मुक्ति
6 / 6भैरव का अर्थ ही 'भय को हरने वाला' है. उनकी पूजा से मानसिक तनाव, भय और दुश्मनों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है. यह दिन विशेष रूप से जीवन में सुरक्षा, साहस और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए महत्वपूर्ण है. शिव की कृपा भी इस दिन विशेष रूप से प्रकट होती है.