दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पांव पर खड़ी’ प्रतिमा बनी अक्षरधाम स्थित खास मूर्ति, जानिए किसकी है ये प्रतिमा
दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. अक्षरधाम मंदिर पर्यटकों के बीत आकर्षण का केंद्र है. अब इस मंदिर में 108 फुट ऊंची नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा स्थापित की गई है.

मंदिर परिसर में एक पैर पर खड़ी 108 फुट ऊंची नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा मंदिर की शोभा बढ़ा रही है. यह प्रतिमा एक पैर पर खड़ी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बन गई है. 26 मार्च 2026 को भव्य प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी.
108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी प्रतिमा
2 / 6नीलकंठ वर्णी की 108 फुट ऊंची प्रतिमा दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर परिसर में स्थापित की गई है. यह प्रतिमा एक पैर पर खड़ी हुई है. इस वजह से यह नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
एक पैर पर खड़ी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा
3 / 6एक पैर पर खड़ी 108 फुट ऊंची प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची एक पैर पर खड़ी प्रतिमा है. इस प्रतिमा को अनावरण के बाद दर्शन के लिए खोल दिया गया है. यह प्रतिमा आध्यात्मिक रूप से बेहद खास है.
कौन थे नीलकंठ वर्णी?
4 / 6नीलकंठ वर्णी भगवान स्वामीनारायण के किशोर अवस्था का नाम था. यह प्रतिमा उनके बाल संन्यासी स्वरूप का प्रतीक है. एक पैर पर खड़ी यह प्रतिमा ध्यानमग्न मुद्रा में स्थापित की गई है.
वैराग्य का प्रतीक है प्रतिमा
5 / 6अक्षरधाम मंदिर परिसर में स्थापित की गई यह प्रतिमा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है. नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा लोगों को त्याग, निर्भयता और भक्ति के आदर्शों के लिए प्रेरित करती है.
अक्षरधाम फ्लाईओवर से दिखती है प्रतिमा
6 / 6मंदिर परिसर में स्थापित की गई नीलकंठ वर्णी की 108 फीट ऊंची विशाल मूर्ति अक्षरधाम फ्लाईओवर से दिखाई देती है. लोग फ्लाईओवर से गुजरते वक्त इस दिव्य झलक को देख सकते हैं.