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Mouth Cancer Causes: यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है. अक्सर लोग सोचते हैं कि मैं गुटका नहीं खाता, इसलिए मुझे माउथ कैंसर नहीं हो सकता, लेकिन यह धारणा गलत है. तंबाकू और गुटका इसके सबसे बड़े कारण जरूर हैं, लेकिन माउथ कैंसर (Oral Cancer) के पीछे कई और छिपे हुए कारण भी हो सकते हैं. आइये आपको एकदम सटीक और सरल तरीके से समझाते हैं कि माउथ कैंसर क्यों होता है...

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क्या सिर्फ गुटका ही दुश्मन है? : माउथ कैंसर के बारे में सबसे बड़ा भ्रम है कि यह सिर्फ गुटका या तंबाकू खाने वालों को होता है. हकीकत यह है कि इसके पीछे कई अन्य जीवनशैली संबंधी कारण भी हैं. आइए जानते हैं वे कौन-सी वजहें हैं जो मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाती हैं.

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तंबाकू और धूम्रपान : गुटका, खैनी, सिगरेट और बीड़ी - इनमें मौजूद कार्सिनोजेन्स (कैंसर पैदा करने वाले तत्व) कोशिकाओं के DNA को नुकसान पहुंचाते हैं. यह माउथ कैंसर का सबसे आम कारण है.

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शराब का सेवन : अत्यधिक शराब का सेवन मुंह की कोशिकाओं को कमजोर कर देता है, जिससे वे कैंसर के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं. जो लोग तंबाकू और शराब दोनों का सेवन करते हैं, उनमें कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

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HPV वायरस : ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) - यह एक यौन संचारित संक्रमण है जो अब ओरोफेरीन्जियल कैंसर (गले और मुंह का कैंसर) का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है. आजकल युवाओं में यह एक चिंताजनक कारण है.

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धूप का अत्यधिक संपर्क : क्या आप जानते हैं? लंबे समय तक सीधे सूर्य की किरणों के संपर्क में रहने से होंठों का कैंसर हो सकता है. होंठ की त्वचा नाजुक होती है और UV किरणें इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं.

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खराब ओरल हाइजीन : मुंह की सफाई न रखना, नुकीले दांतों से बार-बार गाल कटने या ठीक से फिट न होने वाले डेंचर (नकली दांत) से लगातार होने वाली रगड़ (Chronic Irritation) भी लंबे समय में कैंसर का कारण बन सकती है.

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सतर्कता ही बचाव है: कैंसर का इलाज शुरुआती स्टेज में संभव है. अगर मुंह में कोई घाव जो 2 हफ्ते में ठीक न हो, गांठ या लगातार दर्द रहे, तो तुरंत डेंटिस्ट को दिखाएं. तंबाकू से दूरी बनाएं और नियमित चेकअप कराएं.