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Dwidwadash Drishti 2026: ज्योतिष शास्त्र में द्विद्वादश दृष्टि (योग) का खास महत्व है, जो कि दो ग्रहों के एक-दूसरे से दूसरे और बारहवें भाव में स्थित होने से बनती है. इस बार मंगल और शनि के संयोग से द्विद्वादश दृष्टि बन रही है, जो कि कई राशियों के लिए बढ़िया रहेगी. यहां पर आपको साल 2026 के तीसरे महीने मार्च में द्विद्वादश दृष्टि बनने की तिथि, वक्त और राशियों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की जानकारी मिलेगी.

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द्रिक पंचांग के अनुसार, ग्रहों की सेनापति 'मंगल' और कर्म-न्याय के दाता 'शनि' 5 मार्च 2026 को एक दूसरे से 30° पर स्थित होंगे, जिससे द्विद्वादश दृष्टि बनेगी. इस दृष्टि के बनने का समय दोपहर 4 बजकर 33 मिनट है.

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वृषभ राशि (Taurus)- मंगल और शनि ग्रह के संयोग से द्विद्वादश दृष्टि का बनना वृषभ राशि वालों के लिए अनुकूल रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को यदि ऑफिस में कोई सहकर्मी परेशान कर रहा है तो उससे छुटकारा मिलेगा. इसके अलावा कारोबारियों के हाथ धन अर्जित करने के शानदार मौके आएंगे.

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सिंह राशि (Leo)- द्विद्वादश दृष्टि के सकारात्मक प्रभाव से आपके कुछ सपने पूरे होंगे. यहां तक कि मनचाहे व्यक्ति से शादी की बात भी आगे बढ़ सकती है. पैसों का लेनदेन सही समय पर होने से आप किसी बड़े संकट में फंसने से बच जाएंगे. इसके अलावा आंखों में जलन की समस्या परेशान नहीं करेगी.

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तुला राशि (Libra)- द्विद्वादश दृष्टि का बनना मार्च के महीने में तुला राशि वालों के लिए शुभ रहेगा. घर के सभी सदस्य आपकी शादी के लिए मान जाएंगे. यदि आप धन की कमी का सामना कर रहे हैं तो कुछ समय के लिए पैसों की कमी परेशान नहीं करेगी. संपत्ति में निवेश करने के लिए भी ये पूरा महीना आपके लिए बढ़िया है.

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मकर राशि (Capricorn)- वृषभ, सिंह और तुला के अलावा मकर राशि वालों के लिए भी मंगल-शनि की द्विद्वादश दृष्टि जीवन में खुशियां लेकर आएगी. आर्थिक समस्याओं का अंत होने से आप अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे. इसके अलावा रिश्तों में आई कड़वाहट भी छूमंतर हो जाएगी. (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.) (All Photo Credit- Social Media)