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Papaya Eating Side Effect: पपीता एक ऐसा फल है, जिसे खाने की अक्सर सलाह दी जाती है. इसमें मौजूद फाइबर और एंजाइम खाने को आसानी से पचाने में मदद करते हैं, जिससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं दूर रहती हैं. इसके अलावा, पपीता शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, स्किन को ग्लोइंग बनाने और वजन नियंत्रित रखने में भी मददगार होता है, लेकिन हर महिला के लिए हर समय इसे खाना सही नहीं होता. आयुर्वेद में कुछ परिस्थितियों में पपीता ना खाने की सलाह दी जाती है. अगर आप इसके बारे में मालूम तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.

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महिलाओं को अक्सर प्रेग्नेंसी के वक्त पपीता ना खाने की सलाह दी जाती है. कई रिसर्च के मुताबिक, कच्चे पपीते में लेटेक्स नाम का पदार्थ होता है, जो गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकता है.

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आयुर्वेद में पीरियड्स के दौरान पपीता ना खाने की सलाह दी गई है. कहा जाता है कि पपीता शरीर में गर्म तासीर पैदा करता है. ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ महिलाओं में ब्लीडिंग बढ़ सकती है या पेट दर्द की समस्या हो सकती है.

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कई मामलों में पपीता खाने से एलर्जी हो जाती है जैसे- खुजली, स्किन पर लाल चकत्ते होना या सांस लेने में परेशानी होना. कुछ महिलाओं को पपीता सूट नहीं करता. ऐसे में अगर पहले कभी पपीता खाने से ऐसी समस्या हुई हो, तो इसे दोबारा ना खाएं.

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एक्सपर्ट लो ब्लड शुगर में पपीता खाने को मना किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पपीता ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है, लेकिन जिन महिलाओं का पहले से ही शुगर लेवल कम रहता है तो उनके लिए ज्यादा खाना नुकसानदायक साबित हो सकता है.

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पपीता में फाइबर बहुत ही ज्यादा मात्रा में पाया जाता है. ऐसे में अगर आपको डायरिया है या पेट में दर्द की शिकायत है तो इसे ना खाएं. पपीता खाने से गैस की समस्या और बढ़ सकती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.