न दुबई, न मालदीव, न वियतनाम! भारतीय पैसा बहाकर क्यों जा रहे हैं सेशेल्स? वजह सुनकर रह जाएंगे हैरान
हर किसी को विदेश में ट्रिप का मजा उठाना पसंद है. जब जेब में पैसा हो और छुट्टी मनाने का इरादा, तो ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले दुबई आता है, या तो मालदीव आता है या फिर वह वियतनाम की आता है. तीनों ही जगहें अपने-आप में जन्नत से कम नहीं है. लेकिन अब भारतीयों ने अपना रुख बदला है और एक खास देश सेशेल्स जाकर छुट्टियां मना रहे हैं. यह देश अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं. आइए जानते हैं इस देश के बारे में कुछ खास बातें जो इसे बाकियों से अलग बनाती हैं.

2 / 8हिंद महासागर के बीच बसा सेशेल्स अपनी नीली समुद्री लहरों, सफेद रेत वाले बीच और शांत माहौल के कारण तेजी से भारतीय पर्यटकों की फेवरेट इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनता जा रहा है.
3 / 8भारतीय पर्यटकों को सेशेल्स जाने के लिए पहले से वीजा लेने की जरूरत नहीं होती. यहां एयरपोर्ट पर ही तीन महीने तक का फ्री विजिटर परमिट मिल जाता है, जिससे ट्रैवल प्लानिंग बेहद आसान हो जाती है.
4 / 8इसके अलावा, मुंबई से सेशेल्स की डायरेक्ट फ्लाइट उपलब्ध है, जिसमें करीब 4 से 6 घंटे का समय लगता है. कम ट्रैवल टाइम होने की वजह से भी भारतीय पर्यटक वीकेंड या शॉर्ट वेकेशन के लिए भी इस खूबसूरत देश को चुन रहे हैं.
5 / 8सेशेल्स के शांत द्वीप, खूबसूरत बीच और प्राइवेट रिसॉर्ट्स इसे कपल्स और हनीमून के लिए खास बनाते हैं. यह देश कम भीड़ और नेचर के करीब होने के वजह से लोगों को एक शानदार अनुभव देता है, जो हर किसी को इस देश की ओर खींच रही हैं.
6 / 8यहां स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, कायकिंग और बोट राइड जैसे कई एडवेंचर एक्टिविटीज मौजूद हैं. यही वजह है कि रोमांच पसंद करने वाले भारतीय पर्यटक भी सेशेल्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
7 / 8अन्य द्वीप देशों की तुलना में सेशेल्स में टूरिस्ट भीड़ कम रहती है. शांत माहौल, साफ बीच और रिलैक्सिंग माहौल की तलाश करने वाले लोग इसे बेहतर विकल्प मान रहे हैं.
8 / 8वहीं, सेशेल्स में अंग्रेजी भाषा आमतौर पर बोली जाती है, जिससे भारतीयों को बातचीत में दिक्कत नहीं होती. साथ ही यहां का समुद्री खाना और अलग संस्कृति भी यात्रियों को खास अनुभव देती है.