Indian Railway Rules: ट्रेन के AC कोच में दो चादरें क्यों दी जाती हैं? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Bedsheet In Indian Railway: ट्रेन के AC कोच में एक साथ दो चादर होने का मतलब ज्यादा पैसा देना नहीं होता. इसके पीछे एक पूरा प्रोसेस होता है, जिसमें एक चादर बिछाने और दूसरी ओढ़ने के लिए दी जाती है. अगली बार जब आप AC कोच में सफर करें तो इन चीजों पर जरूर ध्यान दें.  

Indian Railways linen replacement schedule
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Indian Railways linen replacement schedule

Is Bedsheet Provided In 2nd AC: क्या आपने कभी भारतीय रेलवे के एसी कोच में सफर किया है तो आपने देखा होगा कि ट्रेवलर्स को बेडरोल किट के साथ दो सफेद चादर दी जाती हैं. ऐसा नॉर्मल कोच या दूसरे किसी कोच में नहीं होता. इसलिए कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर एक ही चादर काफी थी, फिर रेलवे दो चादरें क्यों देता है? इसके पीछे सिर्फ सहुलियत ही नहीं, बल्कि लॉजिक होता है. यह लॉजिक क्या है, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.

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बेडरोल किट में क्या क्या मिलता है?

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भारतीय रेलवे के AC कोच में ट्रेवलर्स को आमतौर पर एक बेडरोल किट दी जाती है. इसमें 2 सफेद चाद, 1 कंबल, 1 तकिए का कवर, 1 तकिया या छोटा तौलिया होता है. इनका इस्तेमाल अलग अलग तरीके से करना होता है. इसे भी पढ़ें- मिक्सर जार की जिद्दी चिकनाहट से हैं परेशान? मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने बताया 2 मिनट में साफ करने का हैक

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दो चादरें देने की क्या है वजह?

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रेलवे की ओर से दी गई पहली चादर सीट या बर्थ पर बिछाने के लिए होती है. इससे लोगों की बॉडी सीधे सीट पर नहीं लगता. दूसरी चादर ओढ़ने के लिए होती है, ताकि कंबल सीधी बॉडी को न छुए.

स्लीपर सीट पर बिछाना

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दोनों चदरों का इस्तेमाल अलग अलग किया जाता है. एक चादर आपको अपनी स्लीपर सीट पर बिछाने के लिए दी जाती है. दूसरी चादर को ओढ़ने वाले कंबल के ठीक नीचे लगाने के लिए दी जाती है.

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कंबल को साफ रखना

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रेलवे में इस्तेमाल होने वाले कंबल हमेशा नहीं धोए जाते, बल्कि वक्त के हिसाब से उनकी सफाई की जाती है. ऐसे में ओढ़ने वाली चादर कंबल और ट्रेवलर्स के बीच हाइजीन मेंटेन रहे, ताकि कोई बीमार न पड़े.

कितने दिनों में की जाती है इनकी सफाई? 

कितने दिनों में की जाती है इनकी सफाई? 6 / 6

रेलवे एक समय के बाद चादर, तौलिया और कंबल को पूरी तरह से रिप्लेस कर देता है. हर 9 महीने में तौलिया और तकिये के कवर साफ किए जाते हैं और तकिया और ऊनी कंबल को 1 साल में धोया जाता है. इसे भी पढ़ें- Soya Chaap Adulteration: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी सोया चाप? ऐसे करें पहचान

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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