मरने के बाद शरीर का कौन सा अंग कितने वक्त तक रहता है जिंदा? जान लीजिए ये ह्यूमन फैक्ट्स

Which Organ Dies First After Death: अगर आपको लगता है कि इंसान के मरने के बाद सारे बॉडी पार्ट्स भी काम करना बंद कर देते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि सारे बॉडी पार्ट्स एकदम काम करना नहीं बंद करते और कुछ वक्त तक जिंदा रहते हैं.

Which Organ Dies First After Death
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कौन सा अंग कितने वक्त तक रहता है जिंदा?

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आंखों की कॉर्निया

आंखों की कॉर्निया 2 / 6

आंख की कॉर्निया को मरने के बाद 12 से 24 घंटे के अंदर निकाला जा सकता है. इसका इस्तेमाल आंखों के लिए किया जा सकता है, क्योंकि मरने के बाद आंखों की कॉर्निया लंबे वक्त तक जिंदा रहती है. इसे भी पढ़ें- सोच-समझकर भेजें Emoji! इनका असली मतलब जानकर चौंक जाएंगे आप

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किडनी

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किडनी मरने के बाद 24 से 36 घंटे तक जिंदा रहती है. इसलिए पोस्टमार्टम करने के बाद अंग निकाल लिए जाते हैं, क्योंकि कोल्ड स्टोरेज में इसे लगभग 24 से 36 घंटे तक आसानी से रखा जा सकता है.

दिल

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दिल इंसान के शरीर का अहम हिस्सा है, जिसे निकालने के बाद 6 घंटे के अंदर इस्तेमाल करना जरूरी है, क्योंकि इसके बाद दिल के काम करने की ताकत तेजी से घटने लगती है.

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फेफड़े

फेफड़े 5 / 6

फेफड़ों का इस्तेमाल भी कम समय में कर लेना चाहिए. इन्हें भी लगभग 6 घंटे के अंदर इसका इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. इंसान के मरने के बाद यह 7 घंटे तक आसानी से काम कर सकता है.

स्किन, हड्डियां और टेंडन

स्किन, हड्डियां और टेंडन  6 / 6

इंसान के शरीर की ये चीजें लंबे वक्त तक जिंदा रहती हैं. आप इसे कई सालों तक आसानी से स्टोर करके रख सकते हैं. डॉक्टर इसे टिश्यू बैंक में रख देते हैं, जिसका इस्तेमाल इलाज के लिए किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- शरीर खुद देता है विटामिन की कमी के संकेत! इन बदलावों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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