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Periods Day Leave: मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए दुनिया के कई देशों में पीरियड लीव का प्रावधान किया गया है. जापान, स्पेन, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के अलावा भारत के कुछ राज्यों और कंपनियों ने भी महिलाओं को ये सुविधा देना शुरू किया है. आइए जानते हैं किन-किन जगहों पर महिलाओं को पीरियड लीव मिलती है.
पीरियड लीव क्या होती है?

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पीरियड लीव यानी मासिक धर्म अवकाश वो छुट्टी होती है जो महिलाओं को उनके मासिक धर्म के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानी को देखते हुए दी जाती है. कई महिलाओं को इस दौरान पेट दर्द, थकान, कमजोरी और बाकी स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं. इसी वजह से कुछ देशों ने महिलाओं के लिए खास छुट्टी का प्रावधान किया है ताकि वे इस दौरान आराम कर सकें और स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें.
स्पेन में मिला कानूनी अधिकार

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यूरोप में स्पेन पहला देश है जिसने पीरियड लीव को कानून का रूप दिया. यहां महिलाओं को गंभीर पीरियड दर्द होने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर तीन से पांच दिन तक की छुट्टी मिल सकती है. इस कदम को महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों की दिशा में एक बड़ा फैसला माना गया है और इससे दुनिया के बाकी देशों में भी इस विषय पर चर्चा तेज हुई है.
जापान में 70 साल से ज्यादा पुराना नियम

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जापान में साल 1947 से ही पीरियड लीव का प्रावधान मौजूद है. अगर किसी महिला कर्मचारी को मासिक धर्म के दौरान काम करने में परेशानी होती है तो वो छुट्टी ले सकती है. हालांकि कई कंपनियां इसे बिना वेतन वाली छुट्टी के रूप में देती हैं, फिर भी इसे महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाया गया महत्वपूर्ण नियम माना जाता है.
इंडोनेशिया में हर महीने मिलती है छुट्टी

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इंडोनेशिया के लेबर लॉ के तहत महिलाओं को हर महीने दो दिन की पीरियड लीव लेने का अधिकार दिया गया है. हालांकि कुछ कंपनियां कर्मचारियों से मेडिकल सर्टिफिकेट भी मांग सकती हैं. इसके बावजूद ये नियम महिलाओं के लिए एक राहत के रूप में देखा जाता है.
दक्षिण कोरिया में भी है पीरियड लीव

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दक्षिण कोरिया में महिलाओं को हर महीने एक दिन की पीरियड लीव दी जाती है. ये कानून महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. अगर कोई कंपनी ये छुट्टी नहीं देती है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. हालांकि कई कर्मचारी इस छुट्टी का इस्तेमाल कम ही करते हैं.
ताइवान में अलग से छुट्टी

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ताइवान में महिलाओं को साल में तीन दिन की पीरियड लीव मिलती है. ये छुट्टी सामान्य मेडिकल लीव से अलग होती है और इसे खासतौर पर मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है. सरकार ने इसे महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा कदम माना है.
जाम्बिया में ‘मदर्स डे’ लीव

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अफ्रीकी देश जाम्बिया में महिलाओं को हर महीने एक दिन की पीरियड लीव मिलती है, जिसे 'मदर्स डे' कहा जाता है. खास बात ये है कि इस छुट्टी के लिए किसी मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती. महिला कर्मचारी अगर चाहें तो सीधे इस छुट्टी का फायदा ले सकती हैं.
वियतनाम में तीन दिन की छुट्टी

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वियतनाम में महिलाओं को हर महीने तीन दिन तक की पीरियड लीव दी जाती है. अगर कोई कर्मचारी ये छुट्टी नहीं लेती है और काम करती है तो उसे एक्सट्रा सैलरी भी दी जा सकती है. ये पॉलिसी महिलाओं के स्वास्थ्य और वर्कप्लेस पर समानता को बढ़ावा देने के मकसद से बनाई गई है.
भारत में क्या है स्थिति?

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भारत में अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर पीरियड लीव को लेकर कोई कानून लागू नहीं हुआ है. हालांकि बिहार जैसे कुछ राज्यों में महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी देने का प्रावधान है. इसके अलावा कई निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भी अपनी महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड लीव की सुविधा शुरू की है. इस विषय पर देश में लगातार बहस चल रही है और भविष्य में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
(All Photos Credit: Social Media)