भारतीय नोटों पर कितनी भाषाएं लिखी होती हैं? जानिए इसके पीछे की खास वजह

Indian Currency: पैसा इंसान कमाता है और खर्च करता है, लेकिन इस पर लिखी भाषाओं पर कभी गौर नहीं करता. नोट पर कई तरह की भाषाएं लिखी होती हैं, जिनके बारे में हमें पता होना चाहिए.

Bhartiya Currency Par Likhi Bhasha
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हिंदी और अंग्रेजी अलग क्यों लिखी जाती हैं?

Bhartiya Currency Par Likhi Bhasha: अगर आपने कभी भारतीय नोट को ध्यान से देखा होगा तो आपने उस पर अलग-अलग भाषाओं में लिखे शब्द जरूर नोटिस किए होंगे. ऐसे मेें क्या आप जानते हैं कि भारतीय नोटों पर कुल कितनी भाषाएं लिखी होती हैं और ऐसा क्यों किया जाता है? इसके पीछे भारत में बोले जाने वाली भाषाओं से हैं जो लोगों की भावनाओं को व्यक्त करने का काम करती है.  

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भारतीय नोटों पर कुल कितनी भाषाएं होती हैं?

भारतीय नोटों पर कुल कितनी भाषाएं होती हैं?2 / 6

भारतीय करेंसी नोटों पर लगभग 17 भाषाएं लिखी होती हैं. नोट के सामने 2 भाषाएं होती हैं जिसे हिंदी और अंग्रेजी के जानकार आसानी से पढ़ सकते हैं. वहीं, पीछे 15 भाषाएं लिखी होती हैं. इसे भी पढ़ें- चार्जर पानी में डूब गया है? भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना हो सकता है ब्लास्ट

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15 भाषाएं कौन सी हैं? 

15 भाषाएं कौन सी हैं? 3 / 6

भारतीय नोटों के लैंग्वेज पैनल में ये 15 भाषाएं शामिल होती हैं. इसमें असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू लिखी होती है.

हिंदी और अंग्रेजी अलग क्यों लिखी जाती हैं?

हिंदी और अंग्रेजी अलग क्यों लिखी जाती हैं?4 / 6

हिंदी और अंग्रेजी को नोट के सामने की ओर लिखा जाता है. इससे देशभर में नोट की पहचान आसान हो जाता है. वहीं, भारतीय भाषाओं को पीछे के लैंग्वेज पैनल में शामिल किया गया है.

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सभी भाषाएं क्यों नहीं होतीं?

सभी भाषाएं क्यों नहीं होतीं?5 / 6

भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएं शामिल हैं, लेकिन भारतीय नोटों पर अभी भी कुल 17 भाषाएं ही लिखी जाती हैं. इसका कारण यह है कि नोटों का मौजूदा डिजाइन उस समय तैयार किया गया था.

नोटों पर भाषाएं लिखने की शुरुआत कब हुई?

नोटों पर भाषाएं लिखने की शुरुआत कब हुई?6 / 6

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी नोटों पर विभिन्न भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल कई दशकों से किया जा रहा है. इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों और भाषाई समुदायों के लोग को पहचान दिलाना है. इसे भी पढ़ें- मेहमानों के लिए झटपट क्या बनाएं? मखाने की यह रेसिपी आएंगी सबको बहुत पसंद

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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