नीला या हरा... किस डस्टबिन में डालना है कूड़ा? ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे सही जवाब

Dustin For Waste: सड़क किनारे या किसी जगह एक साथ दो डस्टबिन रखे होते हैं. यह दिखने में तो एक जैसे होते हैं, लेकिन उनका रंग अलग होता है. ऐसे में इन रंगों का मतलब और वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में पता होना बहुत जरूरी है.

green or blue which dustbin is used for wet waste
1 / 7
हरे डस्टबिन में कौन सा कचरा डाला जाता है? Image Credit- Freepik

घर में कूड़ा फेंकने के लिए अक्सर अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखे जाते हैं. इनमें हरा और नीला रंग का डस्टबिन मिलना बहुत ही आम है, लेकिन क्या आपको पता है कि इनमें से किसमें गीला कचरा और किसमें सूखा कचरा डालना चाहिए? कई लोग डस्टबिन का रंग देखकर कूड़ा अलग कर देते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण गीला और सूखा कचरा एक ही डिब्बे में डाल देते हैं. इससे कचरे को अलग-अलग करके रिसाइकिल करना मुश्किल हो जाता है. अगर आपको भी नहीं मालूम तो इस लेख में बताए गए टिप्स मददगार साबित हो सकते हैं.  

विज्ञापन

हरे डस्टबिन में डालें गीला कचरा

हरे डस्टबिन में डालें गीला कचरा2 / 7

आमतौर पर हरे डस्टबिन का इस्तेमाल गीले और जैविक कचरे के लिए किया जाता है यानी ऐसा कचरा जो आसानी से सड़-गल सकता है और जिसे कंपोस्ट किया जा सकता है.

विज्ञापन

हरे डस्टबिन क्या डाल सकते हैं? 

हरे डस्टबिन क्या डाल सकते हैं? 3 / 7

इसमें आप सब्जियों और फलों के छिलके, बचा हुआ खाना, अंडे के छिलके, खराब या सड़ा हुआ फल-सब्जी या पेड़-पौधों की पत्तियां आदि जैसी डाल सकते हैं. ताकि कचरे से खाद या कंपोस्ट आसानी से तैयार किया जा सके. इसे भी पढ़ें- पानी की टंकी हमेशा ऊंचाई पर ही क्यों रखी जाती है? जानिए इसके पीछे का साइंस

नीले डस्टबिन में डालें सूखा कचरा

नीले डस्टबिन में डालें सूखा कचरा4 / 7

नीला डस्टबिन आमतौर पर सूखे और रीसाइकिल किए जा सकने वाले कचरे के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें ऐसा कचरा डाला जाता है जिसे दोबारा प्रोसेस करके इस्तेमाल किया जा सकता है.

विज्ञापन

नीले डस्टबिन क्या डाल सकते हैं?

नीले डस्टबिन क्या डाल सकते हैं?5 / 7

इसमें आप सूखी चीजें जैसे कागज और पुराने अखबार, कार्डबोर्ड, साफ प्लास्टिक की बोतलें या कंटेनर, कांच की बोतल, पैकेजिंग से जुड़ी सभी सामग्रियां आदि चीजें डाल सकते हैं. हालांकि, अलग-अलग शहरों में कचरे के रंग और कोड अलग हो सकते हैं.

क्या हर कूड़ा इन दो डस्टबिन में डाल सकते हैं?

क्या हर कूड़ा इन दो डस्टबिन में डाल सकते हैं?6 / 7

कुछ कचरे को सामान्य गीले या सूखे कचरे के साथ नहीं मिलाना चाहिए. बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बल्ब, पेंट या केमिकल जैसी चीजों के लिए अलग निपटान व्यवस्था की जरूरत हो सकती है. इसी तरह मेडिकल या सैनिटरी वेस्ट को भी नॉर्म कचरे में डालना सही नहीं है.

विज्ञापन

कूड़ा अलग करना क्यों है जरूरी?

कूड़ा अलग करना क्यों है जरूरी?7 / 7

गीले और सूखे कचरे को अलग रखने से कचरे का दोबारा इस्तेमाल करना आसान हो जाता है.  जैविक कचरे से कंपोस्ट बनाया जा सकता है, जबकि कागज, धातु, कांच और कई तरह के प्लास्टिक को रिसाइकिल करने के लिए अलग किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- होटल रूम में रखी स्लीपर्स का क्या होता है काम? जानिए क्यों दी जाती हैं यूज एंड थ्रो चप्पल

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन