रेलवे स्टेशन के नाम में क्यों जुड़ते होते हैं 'टर्मिनल', 'जंक्शन' और 'कैंट'? क्या आप जानते हैं सही जवाब
क्या आप जानते हैं रेलवे स्टेशन के नाम के साथ 'टर्मिनल', 'जंक्शन','कैंट' और अन्य नाम क्यों जुड़े होते हैं? आइए जानते हैं आसान शब्दों में इस सवाल का जवाब.

टर्मिनल
2 / 7रेलवे में टर्मिनल या टर्मिनस उस स्टेशन को कहा जाता है जहां से आगे रेलवे लाइन नहीं जाती. यानी यह किसी रूट का आखिरी आखिरी स्टेशन होता है. यहां पहुंचने के बाद ट्रेन को उसी दिशा में वापस लौटना पड़ता है, जहां से वह आई थी. जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, आनंद विहार टर्मिनल.
जंक्शन
3 / 7जंक्शन का मतलब होता है ऐसा रेलवे स्टेशन जहां एक से ज्यादा दिशाओं से रेलवे ट्रैक आकर जुड़ते हैं. ऐसे स्टेशनों से ट्रेनें अलग-अलग रूट पर आसानी से जा सकती हैं. बड़े जंक्शन यात्रियों और मालगाड़ियों दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जैसे मथुरा जंक्शन, पटना जंक्शन आदि.
सेंट्रल
4 / 7जब किसी बड़े शहर में कई रेलवे स्टेशन होते हैं, तो उनमें से सबसे पुराने, व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशन को अक्सर सेंट्रल नाम दिया जाता है. इन स्टेशनों से देश के कई हिस्सों के लिए ट्रेनें आसानी से मिल जाती हैं और यहां यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाएं भी मिलती हैं. जैसे कि मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, कानपुर सेंट्रल.
कैंट
5 / 7कैंट शब्द अंग्रेजी के Cantonment से बना है, जिसका अर्थ होता है सैन्य छावनी. जिन रेलवे स्टेशनों के नाम के साथ कैंट (Cantt) लिखा होता है, वे आमतौर पर सेना के इलाकों या छावनी क्षेत्रों के पास स्थित होते हैं. जैसे आगरा कैंट, अंबाला कैंट, दिल्ली कैंट.
भारत का सबसे व्यस्थ रेलवे स्टेशन कौन सा है?
6 / 7भारत का सबसे व्यस्थ रेलवे स्टेशन का नाम अक्सर लोगों को मालूम नहीं होता है. कई लोग मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को सबसे ज्यादा व्यस्थ समझते हैं, लेकिन सही जवाब हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction). रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में स्थित इस ऐतिहासिक स्टेशन पर प्रतिदिन 600 से ज्यादा यात्री ट्रेनें गुजरती हैं और यहां से हर दिन 10 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा करते हैं.
अब नहीं होगी परेशानी
7 / 7ऊपर की स्लाइड में हमने आपको आसान शब्दों में सभी शब्दों के बारे में बताएं हैं, जिसकी जानकारी होना भी जरूरी है. ऐसे में जब भी आप ट्रेन से सफर करेंगे या कोई आपसे इसे लेकर सवाल पूछेगा, तो आपके पास इसकी सही जबाव दे सकेंगे. यह भी पढ़ें:-महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ किया था 21 दिनों का अनशन, सोनम वांगचुक के आंदोलन दिलाई ब्रिटिश काल की याद
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