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अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि जब वह रेलवे स्टेशन जाते हैं या ट्रेन से सफर कर रहे होते हैं, तो स्टेशन के नाम के साथ 'टर्मिनल', 'जंक्शन', 'कैंट' आदि देखने को मिलता है. ऐसे में मन में सवाल उठता है कि आखिर इसका मतलब क्या है और यह क्या बताना चाहता है? आइए जानते हैं.
टर्मिनल

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रेलवे में टर्मिनल या टर्मिनस उस स्टेशन को कहा जाता है जहां से आगे रेलवे लाइन नहीं जाती. यानी यह किसी रूट का आखिरी आखिरी स्टेशन होता है. यहां पहुंचने के बाद ट्रेन को उसी दिशा में वापस लौटना पड़ता है, जहां से वह आई थी. जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, आनंद विहार टर्मिनल.
जंक्शन

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जंक्शन का मतलब होता है ऐसा रेलवे स्टेशन जहां एक से ज्यादा दिशाओं से रेलवे ट्रैक आकर जुड़ते हैं. ऐसे स्टेशनों से ट्रेनें अलग-अलग रूट पर आसानी से जा सकती हैं. बड़े जंक्शन यात्रियों और मालगाड़ियों दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जैसे मथुरा जंक्शन, पटना जंक्शन आदि.
सेंट्रल

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जब किसी बड़े शहर में कई रेलवे स्टेशन होते हैं, तो उनमें से सबसे पुराने, व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशन को अक्सर सेंट्रल नाम दिया जाता है. इन स्टेशनों से देश के कई हिस्सों के लिए ट्रेनें आसानी से मिल जाती हैं और यहां यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाएं भी मिलती हैं. जैसे कि मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, कानपुर सेंट्रल.
कैंट

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कैंट शब्द अंग्रेजी के Cantonment से बना है, जिसका अर्थ होता है सैन्य छावनी. जिन रेलवे स्टेशनों के नाम के साथ कैंट (Cantt) लिखा होता है, वे आमतौर पर सेना के इलाकों या छावनी क्षेत्रों के पास स्थित होते हैं. जैसे आगरा कैंट, अंबाला कैंट, दिल्ली कैंट.
भारत का सबसे व्यस्थ रेलवे स्टेशन कौन सा है?

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भारत का सबसे व्यस्थ रेलवे स्टेशन का नाम अक्सर लोगों को मालूम नहीं होता है. कई लोग मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को सबसे ज्यादा व्यस्थ समझते हैं, लेकिन सही जवाब हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction). रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में स्थित इस ऐतिहासिक स्टेशन पर प्रतिदिन 600 से ज्यादा यात्री ट्रेनें गुजरती हैं और यहां से हर दिन 10 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा करते हैं.