हर महीने मिलेगी 16 लाख से ज्यादा सैलरी, काम है बस इतना आसान
भारत में अगर बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अगर अच्छी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्टूडेंट को 16 लाख रुपये सालाना का पैकेज देती हैं तो इसे एक अच्छी शुरुआत माना जाता है. लेकिन चीन में एक धनी परिवार ने अपने 4 साल के बच्चे के लिए होम ट्यूटर को जितनी सैलरी ऑफर की है, उतनी सैलरी कॉरपोरेट में लेवल-A के बड़े अधिकारियों को भी नहीं मिलती है.

होम ट्यूटर को मिलेंगे 2 करोड़ से ज्यादा रुपये
2 / 6डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एक परिवार ने अपने चार साल के बेटे के लिए 168,000 पाउंड यानी करीब 2 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की सैलरी ऑफर की है. परिवार ने होम ट्यूटर की तलाश के लिए एक विज्ञापन दिया है. बीजिंग में रहने वाले इस परिवार को एक ऐसे शख्स की तलाश है जो एक्टिव हो, उसे प्रकृति से प्यार हो और वो एनर्जेटिक भी हो.
महिलाओं को दी गई प्राथमिकता
3 / 6बता दें कि विज्ञापन में बताया गया है कि परिवार ने इस काम के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दी है. अच्छी खासी सैलरी के बदले होम ट्यूटर को अच्छी अंग्रेजी आनी चाहिए. वह शारीरिक रूप से फिट और युवा महिला हो. बीजिंग में चार साल के बच्चे की निजी ट्यूटर बनने के लिए ऐसी योग्यताएं होना जरूरी है.
कई आयाओं के साथ करना होगा ट्यूटर को काम
4 / 6ट्यूटर को घर में कई आयाओं के साथ काम करते हुए, एक बेहद एक्टिव छोटे लड़के और उसकी एक साल की बहन की शिक्षा से जुड़ी सभी जरूरतें पूरी करनी होंगी. दोनों बच्चों के बीच भाई-बहन की लड़ाई भी हमेशा होती रहेगी तो इसे भी संभालना होगा.
विज्ञापन में और क्या-क्या?
5 / 6नौकरी के इस विज्ञापन में लिखा गया है कि परिवार ने कम से कम शुरुआती सालों में एक महिला ट्यूटर को प्राथमिकता दी है. आदर्श उम्मीदवार, एक्टिव, प्रकृति प्रेमी और ऊर्जावान होनी चाहिए, जिसका स्वभाव हंसमुख हो और जिसे छोटे बच्चों के साथ काम करने में खुशी मिलती हो. इसके अलावा विज्ञापन में कहा गया है कि ट्यूटर शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए. वह धूम्रपान न करने वाला हो. पारिवारिक और रूढ़िवादी मूल्यों वाला होना चाहिए.
अमेरिका जैसे देश में कर सके बच्चा पढ़ाई
6 / 6इसके अलावा विज्ञापन में कहा गया है कि ट्यूटर को विशिष्ट अंग्रेजी बोलनी आनी चाहिए. होम ट्यूटर बाइलिंग्वल हो और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए. इसके अलावा होम ट्यूटर बच्चे को ऐसी शिक्षा दे कि अगले एक दशक में वह अमेरिका या उस और किसी देश में जाकर पढ़ाई कर सके.