Numerology: 30 की उम्र के बाद मूलांक नहीं, भाग्यांक दिखाता है असर! लाइफ में आता है टर्निंग पॉइंट
Numerology: अंक ज्योतिष व्यक्ति की जन्म तिथि से जुड़े मूलांक और भाग्यांक दो खास नंबर होते हैं. इसका असर लोगों के जीवन पर पड़ता है. मूलांक जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर निकालते हैं. भाग्यांक जन्म की तारीख, महीने और साल को जोड़ना होता है.

Numerology: किसी का जन्म अगर 15/02/1995 को हुआ है तो भाग्यांक निकालने के लिए सभी को आपस में जोड़ना होगा. इस जन्म तारीख वाले का भाग्यांक 1+5+0+2+1+9+9+5 = 32 और 3+2 = 5 होगा.
क्या होता है भाग्यांक
2 / 6भाग्यांक जन्म तारीख + जन्म के महीने + जन्म वर्ष का जोड़ होता है. इस तरह से आसानी से भाग्यांक निकाल सकते हैं. भाग्यांक का असर व्यक्ति के जीवन पर 30 की उम्र के बाद पड़ता है.
भाग्यांक और मूलांक में अंतर
3 / 6जिस तरह मूलांक जन्म तारीख को जोड़ होता है इसी प्रकार भाग्यांक जन्म के महीने, तारीख और वर्ष का जोड़ होता है. मूलांक से व्यक्ति के स्वभाव, शक्तियों और कमजोरियों के बारे में जान सकते हैं. भाग्यांक उद्देश्य, भाग्य और अनुभवों के बारे में बताता है.
30 की उम्र के बाद दिखाता है असर
4 / 6जन्म से लेकर 30 वर्ष का आयु तक व्यक्ति पर मूलांक का असर देखने को मिलता है. 30 की उम्र के बाद मूलांक नहीं बल्कि, भाग्यांक का असर जीवन पर देखने को मिलता है.
लाइफ में आता है टर्निंग पॉइंट
5 / 6व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और शुरुआती लाइफ मूलांक से प्रभावित होती है. इसके बाद 30 के बाद भाग्यांक असर करता है. लाइफ में टर्निंग पॉइंट आता है. इसका मतलब है जीवन में बड़ा बदलाव आता है और सफलता मिलती है.
भाग्यांक तय करता है भविष्य
6 / 6अंक ज्योतिष के अनुसार, 30 की उम्र के बाद भाग्यांक करियर की ग्रोथ को तय करता है. भाग्यांक मजबूत होता है तो व्यक्ति जीवन में खूब तरक्की करता है. (All Photo Credit- AI) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.