Toll Tax New Rates: टोल टैक्स होगा महंगा? एक अप्रैल 2026 से 3 एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए देने पड़ेंगे ज्यादा पैसे
Toll Tax New Fees: एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को एक अप्रैल 2026 से झटका लगने वाला है। क्योंकि देश के 3 एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल टैक्स की दरों को बढ़ाने का फैसला किया है और जल्दी ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी।

NHAI ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे 9 पर टोल की दरें बढ़ाने का फैसला किया हैं। एक अप्रैल से नई दरें लागू होंगी। इससे दिल्ली , नोएडा , गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ के बीच यात्रा करने वाले लोगें की जेब पर असर पड़ेगा। रेगुलर आने जाने वालों के लिए सफर महंगा हो जाएगा।
टोल टैक्स की दरें कितनी बढ़ेंगी?
2 / 5NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार के अनुसार, दोनों एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स रेट में लगभग 5% की वृद्धि होने की संभावना है। संशोधित दरें 31 मार्च की मध्यरात्रि से लागू होंगी। हालांकि आधिकारिक नई रेट लिस्ट अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौजूदा दरों से ज्यादा फीस लोगों को देनी पड़ेगी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स
3 / 5दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सराय काले खां से मेरठ तक कारों/जीपों को लगभग 170 रुपये का किराया देना पड़ता है। NH-9 पर टोल लगभग 175 रुपये है। हल्के वाहनों को 275 रुपये से 280 रुपये के बीच भुगतान करना होता है। बसों और ट्रकों से 580 रुपये से 590 रुपये के बीच शुल्क लिया जाता है। 5% की बढ़ोतरी के साथ, कार यूजर्स को प्रति यात्रा 8-10 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
टोल टैक्स बढ़ने से महंगा होगा सफर
4 / 5टोल की दरें बढ़ने से बार-बार यात्रा करने वाले लोगों के मासिक और वार्षिक यात्रा खर्च में इजाफा हो सकता है। डेली सफर करने वालों को हर महीने कई सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। न केवल आम यात्रियों पर, बल्कि व्यवसाय करने वालों पर भी असर पड़ेगा। परिवहन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी।
स्मार्ट टोलिंग सिस्टम की ओर कदम बढ़ाएं
5 / 5केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 'Pay According to Use' मॉडल का प्रस्ताव रखा है। इस प्रणाली के तहत ड्राइवरों से एक्सप्रेसवे पर पूरी दूरी के बजाय केवल तय की गई सटीक दूरी का शुल्क लिया जाएगा। उदाहरण के लिए केवल 10-15 किलोमीटर की यात्रा करने पर केवल उतनी ही दूरी का शुल्क देना होगा, जिससे कम दूरी तय करने वाले यात्रियों को लाभ होगा।