देश के किन-किन राज्यों में हैं तेल के कुएं? जानें क्या आपका स्टेट भी है शामिल
India Oil Wells States: देश में तेल उत्पादन से जुड़े कई राज्य हैं, जहां जमीन के नीचे छिपे संसाधन ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं. क्या आपका राज्य भी इस सूची में शामिल है, यह जानना दिलचस्प है.

India Oil Wells States: भारत अपनी कुल तेल मांग का करीब 15-18% हिस्सा ही घरेलू स्रोतों से पूरा कर पाता है, जबकि शेष रूस और खाड़ी देशों से आता है. आइये जानते हैं कि देश के कितने राज्यों में तेल के कुएं हैं.
देश का सबसे पुराना तेल क्षेत्र
2 / 6असम भारत के पेट्रोलियम इतिहास का जनक है, जहां डिगबोई और नाहरकटिया जैसे क्षेत्रों में दशकों से उत्पादन हो रहा है. यहां ब्रह्मपुत्र घाटी के किनारे करीब 320 किलोमीटर तक तेल की परतें फैली हुई हैं, जिनका शोधन गुवाहाटी और बरौनी जैसी रिफाइनरियों में किया जाता है.
गुजरात
3 / 6गुजरात देश के सबसे महत्वपूर्ण तटीय तेल क्षेत्रों में से एक है, जहाँ अंकलेश्वर और मेहसाणा जैसे स्थान उत्पादन के केंद्र हैं. यहां के विशाल पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए कच्चे तेल को ट्रॉम्बे और कोयाली रिफाइनरी तक पहुँचाया जाता है.
राजस्थान
4 / 6बाड़मेर बेसिन की खोज के बाद राजस्थान भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती (Onshore) तेल उत्पादक राज्य बनकर उभरा है. यहां के बलुआ पत्थर की संरचनाओं में मौजूद भारी भंडार भारत के कुल घरेलू उत्पादन में बहुत बड़ा योगदान देते हैं.
मुंबई हाई
5 / 6मुंबई तट से 160 किलोमीटर दूर स्थित 'मुंबई हाई' भारत का सबसे अधिक तेल निकालने वाला अपतटीय (Offshore) क्षेत्र है. 1974 में खोजा गया यह क्षेत्र आज भी अपनी चट्टानी परतों से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सबसे आगे है.
केजी और कावेरी बेसिन
6 / 6कृष्णा-गोदावरी और कावेरी बेसिन भारत के पूर्वी तट पर स्थित महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार हैं. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के नरीमनम जैसे क्षेत्रों में छिपी यह ऊर्जा क्षमता भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.