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मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और तनाव के बीच लाखों भारतीय नागरिक अलग-अलग देशों में रह रहे हैं. इनमें मजदूर, प्रोफेशनल्स, कारोबारी और छात्र शामिल हैं. जानिए उन 9 प्रमुख देशों के बारे में, जहां युद्ध का असर है और वहां कितनी भारतीय आबादी मौजूद है.

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है. यहां करीब 35.5 लाख भारतीय रहते हैं. दुबई, अबू धाबी और शारजाह में भारतीय समुदाय व्यापार, निर्माण, स्वास्थ्य और आईटी सेक्टर में सक्रिय है.

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सऊदी अरब में लगभग 24.6 लाख भारतीय रह रहे हैं. तेल, निर्माण, सुरक्षा और सेवा क्षेत्र में भारतीयों की बड़ी भागीदारी है. युद्ध जैसे हालात बनने पर भारत सरकार यहां सबसे पहले अलर्ट जारी करती है.

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कुवैत में करीब 9.9 लाख भारतीय रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या ब्लू-कॉलर वर्कर्स की है. किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का असर सबसे पहले प्रवासी वर्कर्स पर पड़ता है.

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कतर में लगभग 8.35 लाख भारतीय रहते हैं. फीफा वर्ल्ड कप के बाद भी यहां भारतीय वर्कफोर्स की अहम भूमिका बनी हुई है.

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बहरीन में करीब 3.23 लाख भारतीय रहते हैं. ये देश आकार में छोटा है, लेकिन यहां भारतीय समुदाय का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव काफी मजबूत है.

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इजरायल में लगभग 20 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं. युद्ध के हालात में यहां सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन जाती है, जिसे लेकर भारत सरकार रेस्क्यू प्लान पर काम करती है.

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ईरान में करीब 10,320 भारतीय रहते हैं. इनमें छात्र, व्यापारी और धार्मिक यात्रा से जुड़े लोग शामिल हैं. संघर्ष बढ़ने पर भारत की नजर इस क्षेत्र पर रहती है.

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जॉर्डन में लगभग 16,897 भारतीय नागरिक रहते हैं. यहां भारतीय मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करते हैं.

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ओमान में भारतीयों की संख्या करीब 6.8 लाख है. ये देश भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षित माना जाता है, फिर भी युद्ध का अप्रत्यक्ष असर यहां भी दिखता है.
(All Photos Credit: Social Media)