रोजाना प्रोटीन बार खाने पर क्या होता है? शरीर में इन 5 बदलावों का कारण बनते हैं Protein Bars

Eating Protein Bars Daily: बहुत से लोग आयदिन प्रोटीन बार खाते हैं तो कुछ ऐसे भी लोग हैं जो हर दिन प्रोटीन बार को अपने प्री या पोस्ट वर्कआउट में शामिल करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं रोजाना प्रोटीन बार खाने पर आपके शरीर पर क्या असर पड़ता है?

What Happens If You Eat Protein Bars Daily
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What Happens If You Eat Protein Bars Daily

Protein Bars Effects: प्रोटीन बार प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इसीलिए लोग इन बार्स को एनर्जी बूस्टर की तरह खाते हैं. कुछ लोग ट्रेवल पर जाते हुए प्रोटीन बार अपने साथ रखते हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो इन्हें अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाते हैं और वर्कआउट से पहले या बाद में प्रोटीन बार खाते हैं. प्रोटीन बार यूं तो स्वाद में अच्छे होते हैं और इनमें प्रोटीन भी बहुत होता है लेकिन यह समझना जरूरी है कि इनका असर शरीर पर अच्छा ही नहीं बल्कि बुरा भी पड़ता है. ऐसे में यहां जानिए रोजाना प्रोटीन बार खाने पर शरीर में कौन से 5 बड़े बदलाव होने लगते हैं.

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क्रेविंग्स होती हैं दूर

क्रेविंग्स होती हैं दूर2 / 7

प्रोटीन के सेवन से भूख दूर रहती है या कहें लंबे समय तक भूख नहीं लगती है. ये हंगर हार्मोन ग्रेलिन को कम करते हैं और इससे पेप्टाइड YY (PYY) और GLP-1 स्टिम्यूलेट होते हैं जो दिमाग को यह सिग्नल भेजते हैं कि पेट भरा हुआ है. प्रोटीन बार में हाई क्वालिटी और पचने वाला प्रोटीन होता है जिससे दिन में असमय होने वाली क्रेविंग्स कम होने लगती हैं.

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फूल सकता है पेट

फूल सकता है पेट 3 / 7

प्रोटीन बार में प्रोटीन तो होता है लेकिन कैलोरी को कम रखने के लिए और इसके फ्लेवर को मीठा रखने के लिए इसमें शुगर एल्कोहल जैसे सॉर्बिटोल, मैनिटोल और माल्टिटोल वगैरह का इस्तेमाल होता है. साथ ही, इसमें सिंथेटिक प्रीबायोटिक फाइबर डाला जाता है. जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स में छपी रिसर्च के अनुसार, ये एडेड फाइबर पाचन को खराब करते हैं और गैस के प्रोडक्शन को बढ़ा सकते हैं जिससे पेट फूलने लगता है.

किडनी को एडस्ट करना पड़ता है

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द जर्नल ऑफ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी में छपे एक वैज्ञानिक रिव्यू के अनुसार, हाई डाइटरी प्रोटीन इंटेक से रेनल हाइपरफिल्टरेशन प्रोसेस शुरू होने लगता है. इससे किडनी में बदलाव नजर आने लगते हैं. जिन लोगों में पहले से किडनी की दिक्कतें हैं या दिक्कत डायगनॉज नहीं हुई है उनमें आगे चलकर हाई प्रोटीन इंटेक के कारण किडनी फंक्शन में दिक्कत आ सकती है और रेनल हेल्थ बिगड़ सकती है. वहीं, एक्टिव लोगों में इस हाई प्रोटीन इंटेक के दौरान शरीर को सही हाइड्रेशन ना मिलने से दिक्कतें आ सकती हैं.

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शुगर इंटेक बढ़ जाता है

शुगर इंटेक बढ़ जाता है 5 / 7

एक सिंगल प्रोटीन बार में 20 से 30 ग्राम तक शुगर होती है जिससे प्रोसेस्ड प्रोटीन को उसका टेस्ट मिलता है. ऐसे में अगर रोजाना प्रोटीन बार खाए जाएं तो इससे ब्लड शुगर स्पाइक हो सकता है जिससे इंसुलिन क्रैश होने पर शरीर को पहले से ज्यादा थकान महसूस होने लगेगी. इसके अलावा, रोजाना रिफाइंड शुगर के सेवन से सिस्टेमेटिक इंफ्लेमेशन बढ़ेगी और इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ने लगता है.

बढ़ सकता है वजन

बढ़ सकता है वजन 6 / 7

प्रोटीन बार को अक्सर ही लाइट स्नैक कहा जाता है जबकि एक प्रोटीन बार में 300 से 400 कैलोरी तक हो सकती है. इससे बिना चाहे ही आपके वजन में बढ़ोत्तरी हो सकती है. अगर रोज एक प्रोटीन बार भी खाया जाता है तो व्यक्ति हफ्ते में 2,100 से 2,800 एक्स्ट्रा कैलोरी लेता है.

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कैसे चुनें सही प्रोटीन बार

कैसे चुनें सही प्रोटीन बार 7 / 7

अगर आप प्रोटीन बार खाना नहीं छोड़ सकते हैं तो आपको अच्छे और बुरे प्रोटीन बार में अंतर समझना होगा. ऐसा प्रोटीन बार चुनें जिसमें 15 से 20 ग्राम प्रोटीन हो, 5 ग्राम से कम शुगर हो, 3 से 5 ग्राम के बीच फाइबर हो और कुछ पूर्ण अनाज भी हों. इसके अलावा, अपनी डाइट में अंडे, स्प्राउट्स और लीन मीट वगैरह शामिल करें जिससे कि आपकी डेली डाइट बैलेंस्ड रहे. यह भी पढ़ें- ये 5 चीजें चुपचाप आपके दिल को कर रही हैं कमजोर, डॉक्टर ने कहा आज ही बदलें ये आदतें

 

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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