बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती है पैरेंट्स की ये छोटी सी गलती, कहीं आप तो नहीं कर रहें ये भूल

छोटे बच्चों की सही से देखभाल करना हर किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन इस दौरान छोटी से छोटी गलती बच्चे की जिंदगी के लिए खतरनाक बन जाती है. हम आपको एक ऐसी ही गलती के बारे में बताएंगे, जिसके कारण शिशुओं को बहुत परेशानी होती है और कई बार वह बहुत बीमार भी पड़ सकते हैं.

Baby Burping After Feeding
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सही पेरेंटिंग क्यों जरूरी

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बचपन से ही बच्चों की सही देखभाल, न सिर्फ खाने, नहाने और रहने से बल्कि सामाजिक, भविष्य और मानसिक सभी नजरिये से जरूरी है. जब माता-पिता अपने बच्चों की ठीक से देखरेख करते हैं, तो वह सेहतमंद, एक्टिव और आत्मविश्वास से भरे रहते हैं.

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छोटी गलती ले सकती है बड़ा रूप

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हालांकि, नए-नए माता-पिता बने लोगों को अक्सर कुछ बातों की जानकारी नहीं होती, जिसका नतीजा ये होता है कि वह कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं कि उसका हरजाना बच्चे को भरना पड़ता है, जैसे उनकी तबीयत खराब हो जाना, ठीक से बात न कर पाना, लोगों के साथ अच्छा व्यवहार और आत्मविश्वास की कमी.

भूल कर भी न करें ये गलती

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लेकिन एक गलती ऐसी है, जिसके कारण अक्सर बच्चे बच्चों (शिशु) की मौत तक हो जाती है. अक्सर माता-पिता को पता नहीं होता है कि बच्चों को दूध पिलाने के बाद डकार दिलाना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि बिना डकार दिलाएं बच्चे को सुला देना उसको कई तरह की परेशानियों के बीच घेर सकती है.

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कब बन जाती है जानलेवा

कब बन जाती है जानलेवा5 / 7

अगर शिशु को दूध पिलाने के बाद बार-बार उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, दूध पीने से मना करना, लगातार रोना, पेट फूलना, सुस्ती, शरीर नीला पड़ना, खांसी या घुटन जैसी परेशानी हो और उसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. कुछ मामलों में शरीर में पानी की कमी, दूध का सांस की नली में चले जाना, संक्रमण या अंदरूनी बीमारी खतरनाक रूप ले सकती है.

कैसे दें बच्चे को डकार

कैसे दें बच्चे को डकार6 / 7

बच्चे के डकार दिलाने को लिए सबसे पहले, बच्चे को कंधे से सटा लें और उसकी पीठ हल्के से थपथपाएं गोद में लेटा कर पीठ पर हल्का दबाव दें या उसे अपनी गोद में उल्टा लिटा लें और पीठ सहलाएं.

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कितने महीने तक बच्चों को दिलाना पड़ता है डकार

कितने महीने तक बच्चों को दिलाना पड़ता है डकार7 / 7

ज्यादातर शिशुओं को जन्म से 4 से 6 महीने की उम्र तक दूध पीने के बाद डकार दिलानी पड़ती है. 4-6 महीने की उम्र तक, शिशु का पाचन तंत्र बेहतर हो जाता है और वे बैठने लगते हैं, जिससे वे खुद डकार लेना शुरू कर देते हैं. अस्वीकरण- इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. (Image: Pexels)

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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