क्या एयर प्यूरीफायर फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं? ऑन्कोलॉजिस्ट से जानिए कैसे मिल सकता है फायदा

Lungs Cancer: एयर प्यूरीफायर घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें फेफड़ों के कैंसर से पूरी तरह बचाने वाला उपाय नहीं माना जा सकता. एक्सपर्ट डॉक्टर मनदीप सिंह का कहना है कि एयर प्यूरीफायर हवा को साफ कर सकता है.

is air purifier good for lung cancer
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एयर प्यूरीफायर क्या करता है?

Lungs Ko Kaise Theek Kare: एयर पॉल्यूशन की वजह से कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. कई बार एयर पॉल्यूशन फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. एयर प्यूरीफायर घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें फेफड़ों के कैंसर से पूरी तरह बचाने वाला उपाय नहीं माना जा सकता. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर मनदीप सिंह (ऑन्कोलॉजिस्ट और कैंसर विशेषज्ञ) का कहना है कि एयर प्यूरीफायर सिर्फ हवा को साफ करता है, लेकिन फेफड़ों के कैंसर को कम नहीं कर सकता है.

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एयर प्यूरीफायर क्या करता है?

एयर प्यूरीफायर क्या करता है? 2 / 6

एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद धूल, परागकण, धुआं, पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों और कुछ अन्य हानिकारक तत्वों को फिल्टर करने का काम करते हैं. इससे घर के अंदर सांस लेने वाली हवा अपेक्षाकृत साफ हो सकती है. इसे भी पढ़ें- दादी-नानी के नुस्खों का राज! ये 6 आयुर्वेदिक हर्ब्स बन सकते हैं आपकी First Aid Kit

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प्रदूषक कणों के संपर्क को कम करना

प्रदूषक कणों के संपर्क को कम करना  3 / 6

जिन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर ज्यादा होता है, वहां एयर प्यूरीफायर लोगों के प्रदूषक कणों के संपर्क को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसलिए इसका इस्तेमाल कई जगहों पर किया जाता है. आप भी इसे हवा साफ करने के लिए लगा सकते हैं.

फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम होता है?

फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम होता है?  4 / 6

फेफड़ों के कैंसर का खतरा केवल घर के अंदर की हवा पर निर्भर नहीं करता. बाहर का प्रदूषण, धूम्रपान, सेकेंड हैंड स्मोक, कार्यस्थल पर हानिकारक रसायनों का संपर्क, आनुवंशिक कारण और अन्य पर्यावरणीय कारक भी इस बीमारी के जोखिम को प्रभावित करते हैं.

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एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल

एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल  5 / 6

सिर्फ एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करके फेफड़ों के कैंसर के खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता. कुछ अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि प्रदूषक कणों के संपर्क में कमी लाने से श्वसन तंत्र पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और फेफड़ों की सेहत को लाभ मिल सकता है.

वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं

वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं 6 / 6

एयर प्यूरीफायर से कैंसर अभी तक ऐसे पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं जो यह साबित करें कि एयर प्यूरीफायर सीधे तौर पर फेफड़ों के कैंसर को रोकते हैं. फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए सबसे प्रभावी कदम धूम्रपान से दूर रहना, सेकेंड हैंड स्मोक से बचना आदि. इसे भी पढ़ें- शरीर की नसों में गंदा कोलेस्ट्रॉल जमने के क्या लक्षण होते हैं? भूलकर भी इग्नोर ना करें ये Bad Cholesterol Symptoms अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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