AC Side Effects: हर समय AC में रहते हैं तो सेहत को हो सकते हैं ये 7 बड़े नुकसान

AC Side Effects: ऐसे बहुत से लोग हैं जो गर्मियों में AC के बिना सोना तो दूर चैन से उठ या बैठ भी नहीं पाते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से हैं तो यहां जानिए आपकी सेहत को किस-किस तरह से प्रभावित कर रही है यह आदत.

AC Side Effects In Hindi
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AC Side Effects In Hindi

AC Ke Nuksan: गर्मियों के मौसम की चिलचिलाती धूप और रात में भी गर्मी का आलम व्यक्ति को चैन से उठने-बैठने नहीं देता है. ऐसे कितने ही लोग हैं जो दिनभर ऑफिस में AC की हवा में बैठते हैं और घर आकर भी सबसे पहले AC ही चलाते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं हर समय एसी में रहने से ना सिर्फ सर्दी, जुकाम या खांसी हो सकती है बल्कि सेहत को कई गंभीर नुकसान (AC Side Effects) भी हो सकते हैं. यहां जानिए AC शरीर को किस-किस तरह से प्रभावित करता है.

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आंखों का ड्राई होना

आंखों का ड्राई होना 2 / 8

AC की ठंडी और शुष्क हवा आंखों को ड्राई कर देती है. इससे आंखें ज्यादा वॉटर प्रोड्यूस करती हैं जिससे आंखों में इरिटेशन होती है, बार-बार आंखों से पानी निकलता है और कई बार देखने में भी दिक्कत होने लगती है.

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स्किन रूखी होने लगती है

स्किन रूखी होने लगती है 3 / 8

AC में लगातार रहने से स्किन पर भी प्रभाव पड़ता है. स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर डैमेज होने लगती है और स्किन संबंधी दिक्कतें ज्यादा होने लगती हैं.

श्वसन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें

श्वसन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें 4 / 8

एयर कंडीशनर (Air Conditioner) का एक साइड इफेक्ट यह भी है कि इससे श्वसन तंत्र संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं. व्यक्ति सर्दी, खांसी और एलर्जी की चपेट में आने लगता है.

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जोड़ों में दर्द

जोड़ों में दर्द 5 / 8

ठंडे तापमान में लंबे समय तक रहने से जोड़ों में अकड़न और दर्द की शिकायत रहने लगती है. इससे ना सिर्फ घुटनों में बल्कि उंगलियों, कंधों और कमर में भी दर्द रहता है.

नींद खराब होती है

नींद खराब होती है 6 / 8

लोगों को लगता है कि AC में सोने से नींद अच्छी आती है. लेकिन अगर एसी का तापमान बहुत कम हो तो नींद खराब होने लगती है और रात में कई बार आंख खुल जाती है.

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आर्टिफिशियल कूलिंग से इम्यूनिटी कम होना

आर्टिफिशियल कूलिंग से इम्यूनिटी कम होना 7 / 8

AC की आर्टिफिशियल हवा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना सकती है. हर समय ठंडक में बैठे रहने से शरीर बाहर की हवा से लड़ने में सक्षम नहीं रह पाता है.

नेचुरल हीट टोलरेंस कम होना

नेचुरल हीट टोलरेंस कम होना 8 / 8

हर समय AC की हवा में रहने से व्यक्ति का शरीर ठंडक में रहने का आदि हो जाता है और बाहर के सामान्य तापमान को नहीं सह पाता है. नॉर्मल तापमान भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा गर्मी वाला लगने लगता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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