दिमाग में खून का थक्का जमने पर नजर आते हैं ये 6 लक्षण, स्ट्रोक आने से पहले शरीर देता है यह चेतावनी

Blood Clotting Symptoms: दिमाग में खून का थक्का जमना ऐसी दिक्कत है जो स्ट्रोक की वजह बन सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे में समय रहते ब्लड क्लॉटिंग के लक्षणों को पहचानना जरूरी होता है.

Khoon ka thakka jamne ke lakshan
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Khoon ka thakka jamne ke lakshan

Blood Clotting In Brain: दिमाग में खून का थक्का जमने यानी ब्लड क्लॉटिंग को सेरेब्रल थ्रोंबोसिस या एंबोलिज्म कहते हैं. यह तब होता है जब दिमाग में किसी रक्त धमनी में खून का थक्का जम जाता है. इससे ब्लड फ्लो में बाधा आती है और दिक्कत बढ़कर स्ट्रोक (Stroke) या अन्य गंभीर दिक्कतों की वजह बन सकती है. ऐसे में समय रहते दिमाग में हो रही इस ब्लड क्लोटिंग को पहचानना और इलाज शुरू करना जरूरी होता है. यहां जानिए दिमाग में ब्लड क्लोटिंग के क्या लक्षण (Blood Clotting In Brain Symptoms) होते हैं. ये लक्षण स्ट्रोक के चेतावनी संकेत हो सकते हैं.

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अचानक से तेज सिरदर्द

अचानक से तेज सिरदर्द 2 / 7

दिमाग में खून का थक्का जमने पर अचानक से सिर में दर्द उठने लगता है. यह दर्द स्ट्रोक आने से कई हफ्तों पहले शुरू हो सकता है और कई घंटों तक रहता है. दवा लेने के बाद भी यह दर्द शांत नहीं होता है.

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एक हिस्से का सुन्न पड़ना

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ब्लड क्लोटिंग का एक लक्षण यह भी है कि व्यक्ति को शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो सकती है. हाथ, पैर या चेहरा सुन्न पड़ सकता है. यह ब्रेन क्लॉट के कारण सट्रोक आने का बड़ा संकेत हो सकता है.

बैलेंस बिगड़ना

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खून का थक्का जमने से खड़े होने में या देर तक खड़े रहने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. बैलेंस बिगड़ जाता है और चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है.

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बोलने में दिक्कत

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ब्रेन क्लॉटिंग में बोलने में अचानक से दिक्कत आ सकती है. इसमें बोलते हुए जुबान फिसलती हुई लग सकती है या फिर सामने वाला व्यक्ति क्या बोल रहा है यह समझने में दिक्कत हो सकती है.

देखने में दिक्कत

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दिमाग में खून का थक्का जमने के कारण देखे में दिक्कत आ सकती है. एक आंख या दोनों आंखों से धुंधला नजर आ सकता है या फिर आंखों की रोशनी भी जा सकती है.

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समझने में दिक्कत और कंफ्यूजन

समझने में दिक्कत और कंफ्यूजन 7 / 7

कुछ भी समझने में दिक्कत होना, तालमेल बिगड़ना या फिर कंफ्यूजन होना दिमाग में खून का थक्का जमने के लक्षणों में शामिल है. व्यक्ति को किसी और से बात करते हुए किस बारे में बात की जा रही है यह समझने में मुश्किल होने लगती है और वह सवालों का जवाब भी ठीक तरह से नहीं दे पाता है. ऐसा दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन ना मिलने के कारण होता है.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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