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Gemstones Warning Rules: रत्न पहनना केवल फैशन या परंपरा नहीं है. यह ज्योतिष से जुड़ा संवेदनशील विषय माना जाता है. सही रत्न जहां भाग्य को मजबूत कर सकता है, वहीं गलत धातु में पहना गया रत्न परेशानी भी बढ़ा सकता है. खासतौर पर सोना, जो तेज और प्रभावशाली धातु माना जाता है, हर रत्न के साथ मेल नहीं खाता. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन से 5 रत्न भूलकर भी सोने की अंगूठी में नहीं पहनने चाहिए?

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नीलम और सोने का 'दुश्मनी' भरा रिश्ता - नीलम को शनि ग्रह का रत्न माना जाता है. शनि और सूर्य के बीच विरोध का भाव बताया गया है. सोना सूर्य से जुड़ी धातु मानी जाती है. ऐसे में जब नीलम को सोने में जड़वाया जाता है, तो ऊर्जाओं का टकराव माना जाता है. ज्योतिष मान्यता के अनुसार इससे अचानक बाधाएं बढ़ सकती हैं. काम में रुकावट आ सकती है. मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है. नीलम को चांदी, लोहा या पंचधातु में पहनना बेहतर माना गया है.

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हीरा और शुक्र का ज्योतिषीय गणित - हीरा शुक्र ग्रह से जुड़ा रत्न है. शुक्र को सुख, वैभव और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है. सोना गुरु और सूर्य से संबंधित माना जाता है. कुछ ज्योतिष मानते हैं कि शुक्र और गुरु के बीच वैचारिक विरोध रहता है. ऐसे में सोने में हीरा पहनना हर व्यक्ति के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. वैवाहिक जीवन में तनाव या आर्थिक असंतुलन की आशंका बताई जाती है. हीरा चांदी या प्लैटिनम में अधिक संतुलित प्रभाव दे सकता है.

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मोती के लिए चांदी ही है वरदान - मोती चंद्रमा का रत्न है. चंद्रमा मन, भावनाओं और शांति का प्रतीक है. सोना अग्नि तत्व से जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि दोनों की प्रकृति अलग है. सोने में मोती पहनने से स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है. मन अस्थिर रह सकता है. चांदी में मोती पहनना अधिक शांत प्रभाव देने वाला माना गया है.

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पन्ना: संतुलन का रखें विशेष ध्यान - पन्ना बुध ग्रह का रत्न है. बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़ा है. कुछ स्थितियों में पन्ना सोने में पहना जाता है, लेकिन यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. ज्योतिषियों के अनुसार इससे बेचैनी या जल्दबाजी बढ़ सकती है. व्यापार में उतार-चढ़ाव आ सकता है. चांदी में पन्ना धारण करना अपेाकृत सुरक्षित विकल्प माना गया है.

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गोमेद और राहु के नकारात्मक प्रभाव - गोमेद राहु से जुड़ा रत्न है. राहु को छाया ग्रह कहा जाता है. इसकी प्रकृति रहस्यमय और तीव्र मानी जाती है. सोने के साथ इसका मेल शुभ नहीं माना जाता. काम बिगड़ने या सेहत पर असर की आशंका बताई जाती है. गोमेद को अष्टधातु या चांदी में पहनना बेहतर माना गया है.

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इन बातों का रखें खास ख्याल - मध्यमा उंगली शनि का स्थान मानी जाती है. इस उंगली में सोने की अंगूठी पहनने से बचने की सलाह दी जाती है. वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों को सोना पहनने से पहले कुंडली की जांच करानी चाहिए. रत्न धारण करना सामान्य आभूषण पहनने जैसा नहीं है. ग्रह स्थिति हर व्यक्ति की अलग होती है. इसलिए योग्य ज्योतिषी की सलाह के बाद ही कोई भी रत्न पहनना उचित माना जाता है.