'Lock Upp' कंटेस्टेंट्स के गले में क्यों लटका रहता है ये काला डिवाइस? जानकर चौंक जाएंगे आप

'Lock Upp' देखने वालों ने कंटेस्टेंट्स के गले में लटके काले गोल डिवाइस पर जरूर ध्यान दिया होगा. कई लोग इसे GPS ट्रैकर या सीक्रेट माइक्रोफोन मानते हैं, लेकिन इसकी असली सच्चाई कुछ और ही है. आखिर यह डिवाइस क्या करता है, इसका रंग क्यों बदलता है और शो में इसकी क्या भूमिका है? जानिए पूरी कहानी.

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रियलिटी शो 'लॉक अप' देखने वाले कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कंटेस्टेंट्स के गले में हर समय दिखने वाला बड़ा, गोल और काले रंग का डिवाइस आखिर क्या है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं. कुछ लोग इसे एडवांस माइक्रोफोन मानते हैं, जबकि कुछ इसे GPS ट्रैकिंग डिवाइस बताते हैं. लेकिन इसकी असली सच्चाई इन दावों से बिल्कुल अलग है.

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 न माइक्रोफोन, न GPS ट्रैकर

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तकनीकी तौर पर यह डिवाइस न तो आवाज रिकॉर्ड करता है और न ही किसी कंटेस्टेंट की लोकेशन ट्रैक करता है. दरअसल, यह खास तौर पर 'लॉक अप' शो के लिए तैयार किया गया एक स्टेटस बैंड (Status Band) है. इसे शो की जेल थीम को और वास्तविक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और इसका संचालन सीधे कंट्रोल रूम से किया जाता है.

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कैसे काम करता है यह स्टेटस बैंड?

कैसे काम करता है यह स्टेटस बैंड?3 / 7

यह गोल बैंड किसी तरह की निगरानी या बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए नहीं बनाया गया है. इसका काम सिर्फ एक विजुअल इंडिकेटर के रूप में काम करना है. यानी यह अपने रंग के जरिए कंटेस्टेंट का मौजूदा स्टेटस दिखाता है और दर्शकों को तुरंत संकेत देता है. ये भी पढ़ें-iPhone खरीदने वालों की मौज! इतने हजार तक होंगे सस्ते, 4 जुलाई से शुरू हो रही सेल  

ग्रीन लाइट का क्या मतलब होता है?

ग्रीन लाइट का क्या मतलब होता है?4 / 7

जब कोई कंटेस्टेंट शो के नियमों का पालन करता है, दिए गए टास्क में अच्छा प्रदर्शन करता है या उसका व्यवहार सही रहता है, तब कंट्रोल रूम से इस स्टेटस बैंड की ग्रीन लाइट ऑन कर दी जाती है. हरी रोशनी इस बात का संकेत होती है कि कंटेस्टेंट का प्रदर्शन और आचरण सही माना जा रहा है.

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रेड लाइट जलने का मतलब क्या है?

रेड लाइट जलने का मतलब क्या है?5 / 7

अगर कोई प्रतियोगी नियम तोड़ता है, किसी के साथ गलत व्यवहार करता है या टास्क में खराब प्रदर्शन करता है, तो उसके स्टेटस बैंड की रेड लाइट जला दी जाती है. लाल रंग इस बात का संकेत होता है कि वह कंटेस्टेंट खतरे की स्थिति में है या उसे किसी तरह की सजा मिल सकती है. ये भी पढ़ें- फोन से पर्सनल डेटा और फोटो-वीडियो लीक कर सकते हैं ये Apps, तुरंत करें डिलीट  

जेलर और दर्शकों को कैसे मिलता है फायदा?

जेलर और दर्शकों को कैसे मिलता है फायदा?6 / 7

इस स्टेटस बैंड की मदद से शो के होस्ट, जेलर और लाइव शो देखने वाले दर्शकों को बिना किसी घोषणा के तुरंत पता चल जाता है कि कौन-सा कंटेस्टेंट सुरक्षित स्थिति में है और कौन रेड ज़ोन में पहुंच चुका है. इससे शो की स्थिति को समझना और भी आसान हो जाता है.

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शो के ड्रामे को बढ़ाने में निभाता है बड़ी भूमिका

शो के ड्रामे को बढ़ाने में निभाता है बड़ी भूमिका7 / 7

'लॉक अप' का पूरा कॉन्सेप्ट जेल की थीम पर आधारित है. इसी वजह से सभी कंटेस्टेंट्स के लिए इस स्टेटस बैंड को पूरे समय गले में पहनना अनिवार्य किया गया है. इसका अलग लुक दर्शकों को असली कैदी जैसा माहौल महसूस कराता है. यह बैंड सिर्फ अपने रंग बदलकर कंटेस्टेंट्स के प्रदर्शन और व्यवहार का संकेत देता है, जिससे शो का रोमांच और ड्रामा कई गुना बढ़ जाता है. (Images Credit-Netflix/IG)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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