रिचार्ज नहीं किया तो खत्म हो जाएगा नंबर! जानिए कितने दिनों में बंद होती है सिम
क्या आप भी रिचार्ज टालते रहते हैं? सावधान! कुछ ही दिनों में आपका सिम बंद हो सकता है और नंबर किसी और को मिल सकता है. जानिए पूरा नियम, वरना बाद में पछताना पड़ेगा.

आज के समय में मोबाइल रिचार्ज एक ऐसी जरूरत बन गई है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. महंगे प्लान्स से परेशान लोग अक्सर रिचार्ज टाल देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने पर आपका सिम कार्ड कब तक चालू रहता है? अगर आप भी यह सोचकर रिचार्ज नहीं कराते कि नंबर कुछ दिन और चल जाएगा, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है.
RAI के नियम क्या कहते हैं?
2 / 8टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सिम सेवाओं को लेकर साफ नियम बनाए हैं. अगर आप समय पर रिचार्ज नहीं कराते, तो आपकी सेवाएं एक-एक करके बंद होने लगती हैं और आखिर में सिम पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है.
पहला असर- आउटगोइंग सेवाएं बंद
3 / 8रिचार्ज खत्म होने के बाद सबसे पहले आउटगोइंग कॉल और SMS पर असर पड़ता है. आमतौर पर 15 दिनों के भीतर आउटगोइंग सेवाएं बंद कर दी जाती हैं, हालांकि कई बार वैधता खत्म होते ही यह सुविधा तुरंत बंद हो जाती है.
कुछ समय तक इनकमिंग रहती है चालू
4 / 8आउटगोइंग बंद होने के बाद भी यूजर्स को थोड़े समय तक इनकमिंग कॉल और SMS मिलते रहते हैं. इसका मकसद यह होता है कि यूजर को रिचार्ज कराने का मौका मिल सके और नंबर एक्टिव बना रहे.
इसके बाद इनकमिंग सेवाएं भी बंद
5 / 8अगर इसके बाद भी रिचार्ज नहीं कराया जाता, तो अगला कदम इनकमिंग सेवाओं को बंद करना होता है. इस स्थिति में आपका सिम केवल नाम का रह जाता है, क्योंकि न कॉल आती है और न ही कोई मैसेज.
60 से 90 दिन में सिम हो जाता है बंद
6 / 8आमतौर पर 60 से 90 दिनों के भीतर टेलीकॉम कंपनियां सिम को पूरी तरह डी-एक्टिवेट कर देती हैं. इसका मतलब है कि आपका नंबर नेटवर्क से हट चुका होता है और उस पर कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं रहती.
नंबर किसी और को मिल सकता है
7 / 8अगर सिम लंबे समय तक बंद रहता है, तो कंपनी उस नंबर को दोबारा एक्टिव कर किसी दूसरे यूजर को दे सकती है. यानी आपका पुराना नंबर हमेशा के लिए आपके हाथ से जा सकता है.
क्या करें ताकि नंबर सुरक्षित रहे?
8 / 8अगर आप अपना नंबर खोना नहीं चाहते, तो समय-समय पर रिचार्ज कराते रहें. भले ही छोटा प्लान लें, लेकिन सिम को एक्टिव रखना जरूरी है, वरना बाद में वही नंबर वापस पाना मुश्किल हो सकता है.