Instagram Reels पर सबसे ज्यादा क्या देखते हैं भारतीय? Meta की रिपोर्ट ने खोला राज

Instagram Reels अब सिर्फ टाइमपास का जरिया नहीं रह गया है. Meta की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में लोग सबसे ज्यादा किस तरह की रील्स देख रहे हैं और कैसे ये वीडियो उनकी खरीदारी के फैसलों को भी प्रभावित कर रही हैं. आइए जानते हैं.

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भारत में Instagram Reels अब सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. Meta की ओर से कराए गए एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि 2026 में भारतीय यूजर्स सबसे ज्यादा किस तरह का कंटेंट देखना पसंद कर रहे हैं.

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4,000 से ज्यादा लोगों पर हुआ सर्वे

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इस स्टडी को रिसर्च एजेंसी IPSOS ने किया, जिसमें देश के 23 शहरों और ग्रामीण इलाकों के 4,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के जरिए यूजर्स की वीडियो देखने की आदतों और पसंदीदा कंटेंट कैटेगरी को समझने की कोशिश की गई.

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ब्यूटी और फैशन कंटेंट सबसे आगे

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रिपोर्ट के मुताबिक, ब्यूटी, मेकअप, फैशन और लेटेस्ट ट्रेंड्स से जुड़ी रील्स सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं. सर्वे में शामिल 52 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे इस तरह के कंटेंट के साथ सबसे अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं.

लाइफस्टाइल और फिटनेस भी खूब पसंद

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ब्यूटी और फैशन के बाद लाइफस्टाइल और फिटनेस कंटेंट दूसरी सबसे लोकप्रिय कैटेगरी रही. इस तरह की रील्स को 42 प्रतिशत एंगेजमेंट मिला, जिससे साफ है कि लोग अब फिटनेस और बेहतर लाइफस्टाइल से जुड़ी जानकारी भी रील्स के जरिए हासिल कर रहे हैं. ये भी पढ़ें-

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कॉमेडी, स्पोर्ट्स और ट्रैवल का भी जलवा

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रिपोर्ट में सामने आया कि कॉमेडी वीडियो को 39 प्रतिशत, स्पोर्ट्स कंटेंट को 38 प्रतिशत और ट्रैवल रील्स को 37 प्रतिशत एंगेजमेंट मिला. यानी मनोरंजन के साथ-साथ जानकारी और एक्सप्लोरेशन से जुड़े वीडियो भी यूजर्स को खूब पसंद आ रहे हैं. ये भी पढ़ें- पुराने स्मार्टफोन को कचरे में फेंकना चाहिए या नही? जानें ये सही है या गलत

खरीदारी के फैसलों पर भी असर

खरीदारी के फैसलों पर भी असर6 / 9

Instagram Reels अब लोगों की शॉपिंग आदतों को भी प्रभावित कर रही हैं. अध्ययन के अनुसार, 81 प्रतिशत यूजर्स किसी नए प्रोडक्ट के बारे में पहली बार रील्स के जरिए जानकारी हासिल करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 66 प्रतिशत लोग किसी ब्रांड पर विचार करने से पहले रील्स से प्रभावित होते हैं. वहीं 47 प्रतिशत लोगों ने माना कि अंतिम खरीदारी का फैसला लेने में भी रील्स की भूमिका रहती है.

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Gen Z यूजर्स पर सबसे ज्यादा प्रभाव

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युवा यूजर्स यानी Gen Z के बीच रील्स का असर और भी ज्यादा देखा गया. रिपोर्ट के अनुसार, 84 प्रतिशत Gen Z यूजर्स नए प्रोडक्ट और ब्रांड की खोज Meta के प्लेटफॉर्म्स के जरिए करते हैं.

ग्रामीण भारत में भी बढ़ रहा प्रभाव

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सिर्फ शहर ही नहीं, गांवों में भी रील्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है. सर्वे में शामिल 73 प्रतिशत ग्रामीण यूजर्स ने कहा कि वे नए ब्रांड और प्रोडक्ट्स खोजने के लिए Meta प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 97 प्रतिशत इंटरनेट यूजर्स रोजाना Meta प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो देखते हैं. शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 98 प्रतिशत रहा, जबकि ग्रामीण भारत में 94 प्रतिशत यूजर्स हर दिन वीडियो कंटेंट देखते हैं.

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युवाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं रील्स

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Gen Z यूजर्स के बीच रील्स देखने का ट्रेंड सबसे मजबूत है. रिपोर्ट में बताया गया कि 89 प्रतिशत युवा हर दिन Instagram Reels देखते हैं और लगातार नए कंटेंट से जुड़े रहते हैं. Meta का कहना है कि Reels, सर्वे में शामिल अन्य शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत ज्यादा क्रिएटर एंगेजमेंट उपलब्ध कराती है, जिससे क्रिएटर्स और ऑडियंस के बीच बेहतर कनेक्शन बनता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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