AC से ज्यादा बिजली खाते हैं ये 5 घरेलू उपकरण! नाम जानकर उड़ जाएंगे आपके होश
क्या आपको लगता है कि घर में सबसे ज्यादा बिजली एसी खर्च करता है, अगर हां तो आप गलत हो सकते हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे घरेलू उपकरणों के बारे में जो एसी से ज्यादा बिजली खाते हैं.

अक्सर माना जाता है कि घर में सबसे ज्यादा बिजली एसी खर्च करता है लेकिन ये पूरी तरह सही नहीं है. कई ऐसे घरेलू उपकरण हैं जिनकी पावर रेटिंग एसी से ज्यादा होती है और वे एक घंट में उससे ज्यादा बिजली की खपत कर सकते हैं.
1.5 टन AC एक घंटे में कितनी बिजली खर्च करता है?
2 / 7मार्केट में अलग-अलग क्षमता के एसी मिलते हैं. सामाान्य 1.5 टन एसी की पावर करीब 1800 वॉट होती है. अगर इसे लगातार एक घंटे तक चलाया जाए तो लगभग 1.7 यूनिट बिजली की खपत करता है.
वाटर गीजर और हेयर ड्रायर की खपत
3 / 7वहीं पानी गर्म करने वाला गीजर सबसे ज्यादा बिजली ने वाले उपकरणों में से है. इसकी पावर करीब 3000 वॉट होती है और ये एक घंटे में लगभग 3 यूनिट बिजली खर्च कर सकता है. वहीं हेयर ड्रायर की पावर करीब 2,200 वॉट होती है, इसलिए लगातार एक घंटे इस्तेमाल करने पर ये करीब 2.2 यूनिट बिजली खर्च कर सकता है. ये भी पढ़ें- WhatsApp पर आ रहा नया अपडेट, अब स्टेटस के कैप्शन में नहीं होगी गलती, जानें फीचर कैसे करेगा काम
इंडक्शन कुकर और इलेक्ट्रिक केटल
4 / 7इंडक्शन कुकर की पावर करीब 2100 वॉट होती है. इसे एक घंटे तक चलाने पर लगभग 2.1 यूनिक बिजली खर्च होती है. वहीं इलेक्ट्रिक केटल की पावर करीब 2200 वॉट होती है और यह एक घंटे में लगभग 2.2 यूनिट बिजली की खपत कर सकती है.
माइक्रोवेव ओवन भी लेता है अच्छी-खासी बिजली
5 / 7किचन में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव ओवन की पावर करीब 2100 वॉट होती है. अगर इसे लगातार एक घंटे तक इस्तेमाल किया जाए, तो ये लगभग 2.1 यूनिट बिजली खर्च कर सकता है. ये भी पढ़ें- Fast Charging से जल्दी खराब हो जाती है बैटरी? जानिए सच क्या है और किन गलतियों से घटती है फोन की लाइफ
फिर AC का बिजली बिल ज्यादा क्यों आता है?
6 / 7हालांकि कई उपकरण एसी से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल कुछ मिनटों या बहुत कम समय के लिए होता है. दूसरी तरफ एसी अक्सर कई घंटों तक लगातार चलता है. यही वजह है एसी का बिल ज्यादा आता है.
यह तुलना कैसे की गई है?
7 / 7ये पूरी तुलना सभी उपकरणों के एक घंटे के लगातार इस्तेमाल के आधार पर की गई है. इसका मकसद ये समझना है कि एक घंटे में कौन-सा उपकरण कितनी बिजली खर्च करता है. जबकि बिजली बिल इस बात पर निर्भर करता है कि आपने उस उपकरण का उपयोग कितनी देर तक किया है.



















