'धोखा, तलाक और अफेयर...', Thalapathy के लिए मुश्किलों से भरा रहा 'विजय' पथ, विवादों से घिरा 'जन नायक'
Thalapathy Vijay: थलापति विजय की पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ दोनों ही सुर्खियों में है. एक तरफ अभिनेता अपनी सत्ता बना रहे हैं, तो दूसरी और उनकी शादी टूट रही है. साथ ही एक्टर की आखिरी फिल्म भी चर्चा में है. विजय के लिए कुछ भी आसान नहीं है और वो विवादों से घिरे हुए हैं.

थलापति विजय
2 / 7थलापति विजय की बात करें तो अभिनेता कई विवादों में घिरे हुए हैं. इसमें सरकारी जांच एजेंसियों का शिकंजे से लेकर टूटते रिश्तों का दर्द शामिल है.
विजय की आखिरी फिल्म
3 / 7विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' विवादों में घिरी हुई है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि विजय इस फिल्म का यूज पूरी तरह से राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए कर रहे हैं. विजय के करोड़ों रुपये दांव पर लगे हैं और फिल्म की रिलीज डेट पर भी बवाल मचा हुआ है.
ईडी ने मारी थी छापेमारी
4 / 7इसके अलावा विजय की राह में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग भी आए. 2020 में एक्टर की फिल्म 'बिगिल' की सफलता के बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी ने बहुत सुर्खियां बटोरी थीं. इतना ही नहीं बल्कि उनपर टैक्स चोरी और विदेशी फंडिंग के गंभीर आरोप लगे. चुनाव के समय ये मामला बहुत गरमाया था.
भगदड़ विवाद
5 / 7इसके बाद विजय की पॉपुलैरिटी ही उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई. विजय की राजनीतिक रैली के दौरान क्षमता से ज्यादा भीड़ आ गई. इस वजह से वहां भगदड़ मच गई थी. इस हादसे मे की समर्थक घायल हो गए थे और कुछ लोगों की जान भी चली गई थी. घटना के बाद विपक्षी दलों ने विजय की संगठन क्षमता पर सवाल उठाए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए केस दर्ज की मांग की थी.
वाइफ और बेटे से अनबन
6 / 7इसके बाद विजय की वाइफ संगीता ने एक्टर पर धोखा देने का आरोप लगाया और बात तलाक तक आ गई. ना सिर्फ विजय और संगीता में अनबन हुई बल्कि बेटे जेसन ने भी इन विवादों के बीच अपने पिता को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया. इसके अलावा उन्होंने अपने पिता के नाम का इनीशियल भी अपने नाम से हटा दिया और मां के नाम के इनीशियल जोड़ लिया.
अफेयर और पिता से विवाद
7 / 7इसके बाद विजय का नाम तृषा कृष्णन के साथ जोड़ा जा रहा है. दोनों के अफेयर की चर्चा है. हालांकि, दोनों ने ही इस पर रिएक्शन नहीं दिया है. इसके अलावा विजय ने अपने पिता एसए चंद्रशेखर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिससे वे विजय के नाम पर कोई राजनीतिक दल या संगठन ना चला सकें.