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Buy Now The Shopping Conspiracy Netflix: अगर आपने नोटिस किया होगा तो देखा होगा कि लोग पहले से ज्यादा शॉपिंग करने लगे हैं. इसके पीछे का षडयंत्र देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएंगी. इस डॉक्यूमेंट्री में बिजनेस इंडस्ट्रीज के काले चिट्ठे खोले गए हैं. आइए जानते हैं.
पहले से ज्यादा शॉपिंग की चाह

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अगर आपने नोटिस किया होगा तो देखा होगा कि लोग पहले से ज्यादा शॉपिंग करने की चाह रखने लगे हैं. हर कोई हर दूसरे इवेंट के लिए नई ड्रेस खरीदने की चाह रखता है. मगर इससे कितना नुकसान हमारी पृथ्वी और वातावरण को हो रहा, यह कोई नहीं जानता.
जागरूक करने वाली डॉक्यूमेंट्री

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इस डॉक्यूमेंट्री में इसी से जुड़ी है. नेटफ्लिक्स पर आई एक नई डॉक्यूमेंट्री “Buy Now! The Shopping Conspiracy” आपको ये सच दिखाती है. ये फिल्म सिर्फ 1 घंटे 24 मिनट (लगभग 1 घंटे 32 मिनट जैसी चर्चित) की है, लेकिन ये आपके दिमाग को हिला देगी. शॉपिंग की दुनिया का असली चेहरा सामने आएगा.
ब्रांड्स कैसे हमें फंसाते हैं?

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डॉक्यूमेंट्री में बड़े-बड़े ब्रांड्स के पूर्व कर्मचारी बताते हैं कि कंपनियां जानबूझकर ऐसी चीजें बनाती हैं जो जल्दी खराब हो जाएं. इसे “प्लान्ड ऑब्सोलेंस” कहते हैं. मतलब, फोन, कपड़े या जूते थोड़े दिनों में पुराने लगने लगते हैं, ताकि आप नया खरीदें.
अमेजन जैसी कंपनियों के बारे में

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अमेजन जैसी कंपनियां “वन क्लिक बाय” जैसी सुविधा देती हैं, जिससे खरीदना बहुत आसान हो जाता है. आप सोचते भी नहीं और कार्ट में सामान डल जाता है. फिल्म दिखाती है कि कैसे विज्ञापन हमारे दिमाग पर असर डालते हैं. “सेल”, “लिमिटेड स्टॉक”, “फ्लैश सेल” जैसे शब्द सुनकर हम जल्दी-जल्दी खरीद लेते हैं. ये सब मनोवैज्ञानिक तरकीबें हैं, जो हमें लगातार खरीदने पर मजबूर करती हैं.
पर्यावरण और हमारी जेब पर असर

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ज्यादा शॉपिंग से सबसे बड़ा नुकसान पर्यावरण को होता है. जो सामान हम फेंक देते हैं, वो लैंडफिल में जमा होता है. कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक, सब कुछ कचरा बन जाता है. यह डॉक्यूमेंट्री बताती है कि फैशन इंडस्ट्री दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषकों में से एक है.
जरूरत से ज्यादा खरीदना

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डॉक्यूमेंट्री में बड़े अच्छे से दिखाया गया है कि हमारी जेब भी खाली होती जाती है. फिर भी हम जरूरत से ज्यादा खरीदते हैं और फिर पछताते हैं. ये सब हमारी साइकलॉजी के साथ खिलवाड़ है. हमारे आस पास ऐसा वातावरण बनाया जाता है, जिससे हम बार बार एक ही तरह के कपड़े खरीदने लगते हैं.
सच जानने के बाद बदलाव लाएं

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एक बार ये डॉक्यूमेंट्री देख लें, तो शॉपिंग का मन ही नहीं करेगा. आप सोचेंगे कि क्या मुझे सच में ये चीज चाहिए? क्या ये लंबे समय तक चलेगी? फिल्म सिखाती है कि कम खरीदें, अच्छी क्वालिटी वाली चीजें चुनें और पुरानी चीजों को रिसाइकल करें.
डॉक्यूमेंट्री देखने के फायदा

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ये डॉक्यूमेंट्री सिर्फ जानकारी नहीं देती, बल्कि आपको जागरूक बनाती है. अगर आप इसे देख लेंगे, तो बेवजह की शॉपिंग भूल जाएंगे. बिजनेस की ये साजिश समझ आएगी और आपका दिमाग खुलेगा. इसे IMDb पर 6.7 रेटिंग मिली है. आप इसे Netflix पर देख सकते हैं.