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8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की प्रमुख मांगों पर चर्चा करने के लिए कर्मचारी संघों की दिल्ली में हुई बैठक में मंथन किया गया. बैठक में कर्मचारियों से पूछा गया कि वह आठवें वेतन आयोग में क्या-क्या चाहते हैं? अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ के महासचिव ने बताया कि बैठक में रक्षा, रेलवे, डाक सेवा, आयकर विभाग, लेखा एवं लेखापरीक्षा विभाग और अन्य कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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इकॉनोमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट में श्रीकुमार ने कहा कि एक बार साझा ज्ञापन तैयार हो जाने के बाद, इसे 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को प्रस्तुत किया जाएगा. कर्मचारियों की मांगों में वेतन संशोधन के लिए पारिवारिक इकाइयों को बढ़ाना, प्रति कर्मचारी न्यूनतम पांच पदोन्नति सुनिश्चित करना और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना शामिल था. चर्चा में उच्च वार्षिक वेतन वृद्धि और न्यूनतम वेतन के 10 गुना के प्रस्तावित अधिकतम वेतन अनुपात पर भी बात हुई.

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बैठक में कई प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें परिवार इकाइयों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करना, कर्मचारियों के लिए कम से कम 5 पदोन्नति की गारंटी देना, वार्षिक वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना शामिल है. अन्य चर्चाओं में CPC द्वारा पूछे गए 18 प्रश्नों के उत्तर तैयार करना, गैर-CGHC शहरों के लिए CGHC के तहत मासिक शुल्क को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करना और इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भत्ते शामिल करना शामिल था.

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बैठक का ब्यौरा देते हुए श्रीकुमार ने कहा, बैठक में न्यूनतम मूल वेतन, पदोन्नति नीति, वार्षिक वेतन वृद्धि आदि मुद्दों पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया. आने वाले दिनों में विभिन्न कर्मचारी संघ आठवें वेतन आयोग से संबंधित अपनी मांगें भेजेंगे. अगले 10 से 15 दिनों में सभी संघों की ओर से साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा.

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केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संघ (एनसी-जेसीएम) में केंद्रीय कर्मचारी संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले मनजीत सिंह पटेल ने बताया कि आम सहमति ज्ञापन पर निर्णय लेने के लिए बैठक 10 मार्च को होगी, जिसके बाद इसे अगले एक-दो सप्ताह में आठवें आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजा जा सकता है.