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Delhi Dehradun National Highway: दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे पर मेरठ से मुजफ्फरनगर तक प्रस्तावित करीब 80 किलोमीटर लंबा 6 लेन सुपर कॉरिडोर यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा. लगभग 3500 करोड़ की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के पूरा होने के बाद यातायात जाम और दुर्घटनाओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है.

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इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा प्रतापपुरी से रामपुर तिराहा तक लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम का खत्म होना माना जा रहा है, जो वर्षों से यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था. परियोजना के तहत राजमार्ग की चौड़ाई 130 मीटर प्रस्तावित की गई है और डीपीआर उसी मानक के अनुसार तैयार की जा रही है.

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ड्रोन सर्वे पूरा, DPR लगभग तैयार: NHAI ने मेसर्स एफपी इंडिया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के माध्यम से पूरे परियोजना क्षेत्र का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया है. इस सर्वे से मिले आंकड़ों के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जो लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही केंद्रीय मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी.

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20 नए अंडरपास से जाम खत्म:यातायात जाम से स्थायी राहत देने के लिए परियोजना में लगभग 20 नए अंडरपास बनाए जाने का प्रस्ताव है. ये अंडरपास मेरठ–मुजफ्फरनगर राजमार्ग के सभी प्रमुख और छोटे चौराहों पर बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों को बार-बार रुकना न पड़े और हाईवे पर ट्रैफिक निर्बाध रूप से चलता रहे.

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1.5 किमी लंबी एलिवेटेड रोड: मंसूरपुर क्षेत्र में चीनी मिल और मेडिकल कॉलेज के कारण लगने वाले भारी जाम को देखते हुए यहां 1.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाने की योजना बनाई गई है. इससे स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग हो जाएगा, जिससे भीड़ कम होगी और वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी.

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मौजूदा फ्लाईओवर होंगे चौड़े: राजमार्ग पर मौजूद सभी फ्लाईओवरों को छह लेन के अनुरूप चौड़ा किया जाएगा. इससे न सिर्फ यातायात की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी. फ्लाईओवरों का चौड़ीकरण इस परियोजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

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बेहतर कनेक्टिविटी सर्विस रोड: स्थानीय गांवों, कस्बों और बाजारों से बेहतर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाएंगी. इससे स्थानीय वाहनों को सीधे मुख्य राजमार्ग पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा.

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यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा: यह 6-लेन राजमार्ग परियोजना यात्रा समय कम करने, सुरक्षा बढ़ाने और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी. दिल्ली, पश्चिमी यूपी, हरिद्वार और देहरादून की ओर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.