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Conch Shell Benefits: हिंदू परंपरा में शंख को केवल पूजा का साधन नहीं, बल्कि शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में शंख को पवित्र और शुभ माना गया है। पूजा के समय शंख ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। न्यता है कि अलग-अलग प्रकार के शंख अलग लाभ देते हैं। कुछ धन वृद्धि से जुड़े हैं तो कुछ स्वास्थ्य और मान सम्मान से। घर में कौन सा शंख रखना चाहिए और किससे कौन सा लाभ मिलता है, इसे लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी रहती है। यहां जानिए शंख के 10 विशेष प्रकार और उनसे जुड़ी मान्यताएं।

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गणेश शंख - इसकी आकृति भगवान गणेश के स्वरूप से मिलती है। इसे दरिद्रता दूर करने वाला माना गया है। धन लाभ के लिए इसकी पूजा की जाती है। व्यापार स्थल पर रखने से आर्थिक स्थिरता बढ़ने की बात कही जाती है।

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अन्नपूर्णा और कामधेनु शंख - अन्नपूर्णा शंख गृहस्थ जीवन के लिए शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है। कामधेनु शंख को मनोकामना पूर्ति से जोड़ा जाता है। तर्क शक्ति मजबूत करने में भी इसे उपयोगी माना गया है।

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मोती और ऐरावत शंख - मोती शंख को घर में शांति और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। इसे पूजा घर में सफेद वस्त्र पर स्थापित कर दैनिक पूजन की सलाह दी जाती है। ऐरावत शंख साधना और सौंदर्य से जुड़ा है। इसमें रखा जल एक दिन बाद ग्रहण करने की परंपरा बताई जाती है।

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विष्णु और पौण्ड्र शंख - विष्णु शंख को निरंतर प्रगति और रोग शिथिलता से जोड़ा गया है। इसे घर में रखने से स्वास्थ्य लाभ की मान्यता है। पौण्ड्र शंख मनोबल बढ़ाने वाला माना जाता है। विद्यार्थियों को इसे अध्ययन कक्ष में पूर्व दिशा में रखने की सलाह दी जाती है।

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मणि पुष्पक और देवदत्त शंख - मणि पुष्पक शंख यश और मान सम्मान से संबंधित है। उच्च पद की कामना रखने वाले लोग इसका पूजन करते हैं। देवदत्त शंख को शक्ति और विजय का प्रतीक माना गया है। न्याय क्षेत्र से जुड़े लोग इसे शुभ मानते हैं।

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दक्षिणावर्ती शंख - इसका मुख दाईं ओर खुलता है। इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। लक्ष्मी प्राप्ति और संपत्ति वृद्धि से इसे जोड़ा गया है। मान्यता है कि इसके दर्शन से कार्य सिद्धि की संभावना बढ़ती है और कई रोगों में लाभ मिलता है।