RBI Kill Switch: आरबीआई ला रहा है Kill Switch, एक क्लिक में ब्लॉक होंगे सभी पेमेंट
RBI Kill Switch Update: डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई ला रहा है किल स्विच सुविधा। संदिग्ध लेनदेन दिखने पर एक क्लिक में ब्लॉक होंगे सभी ट्रांजैक्शन।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां ऑनलाइन पेमेंट बेहद आसान हो गया है, वहीं साइबर फ्रॉड और स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इस पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक गेम-चेंजर तकनीक लेकर आ रहा है, जिसका नाम है— 'किल स्विच' (Kill Switch)। आरबीआई ने अपनी हालिया सालाना रिपोर्ट में इसका ब्लूप्रिंट पेश किया है। आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि यह 'किल स्विच' क्या है और यह आपके बैंक अकाउंट को कैसे सुरक्षित रखेगा।
क्या है किल स्विच और यह कैसे काम करेगा?
2 / 5किल स्विच का सीधा मतलब एक ऐसे इमरजेंसी बटन से है, जिसे दबाते ही चालू सिस्टम तुरंत ठप हो जाता है। ठीक वैसे ही, जैसे किसी फैक्ट्री में हादसा होने पर एक लाल बटन दबाकर पूरी मशीनरी रोक दी जाती है। सारे ट्रांजैक्शन एक क्लिक में ब्लॉक: अगर आपको कभी भी अपने बैंक खाते या यूपीआई (UPI) से किसी संदिग्ध लेनदेन (Fraud Transaction) का शक होता है, तो आप इस स्विच का इस्तेमाल करके अपने खाते से होने वाले सभी डेबिट ट्रांजैक्शन को एक ही क्लिक में तुरंत ब्लॉक कर सकेंगे।
स्विच-ऑन और स्विच-ऑफ से मिलेगा डिजिटल पेमेंट पर पूरा कंट्रोल
3 / 5आरबीआई सभी डिजिटल पेमेंट माध्यमों के लिए स्विच-ऑन और स्विच-ऑफ की सुविधा अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत ग्राहक जब चाहें अपनी बैंकिंग सेवाओं को खुद चालू या बंद कर सकेंगे। घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और 'टैप एंड पे' (Contactless) कार्ड पेमेंट्स के लिए यह सुविधा बैंकों के ऐप पर पहले से मिलती है, जहां आप ट्रांजैक्शन की लिमिट भी तय कर सकते हैं। अब इसी कंट्रोल को यूपीआई और नेट बैंकिंग समेत सभी डेबिट मोड पर लागू किया जाएगा।
लॉन्च होने जा रहा है DPII प्लेटफॉर्म; AI रखेगा हर फ्रॉड पर नजर
4 / 5रिजर्व बैंक इसी साल 'डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' (DPIP) को पूरी तरह लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित होगा। जैसे ही देश में कहीं भी कोई ऑनलाइन पेमेंट होगी, यह एआई सिस्टम पलक झपकते ही (Real-Time) भांप लेगा कि उस ट्रांजैक्शन में फ्रॉड या स्कैम होने का कितना रिस्क है और उसे एक रिस्क स्कोर देगा।
भारी रकम वाले पहले UPI ट्रांजैक्शन के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
5 / 5आरबीआई ने हाल ही में सुझाव दिया था कि यदि कोई यूजर पहली बार किसी नए अकाउंट में बड़ी रकम का पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यूपीआई ट्रांजैक्शन करता है, तो उसे प्रोसेस होने में थोड़ा वक्त (Time Buffer) दिया जा सकता है। एक सर्वे के अनुसार, देश के 52% लोग अपनी स्पीड और सुविधा के कारण डिजिटल पेमेंट अपना चुके हैं। ऐसे में 'किल स्विच' और टाइम बफर जैसी योजनाएं ऑनलाइन बैंकिंग में आम जनता का भरोसा और ज्यादा मजबूत करेंगी।