Petrol Diesel Price Today: तेल के दाम में 10% की भारी गिरावट, क्या भारत में सस्ते हो गए पेट्रोल-डीजल?
ग्लोबल मार्केट के लिए आज राहत भरी सुबह रही। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की खबर से कच्चे तेल की कीमतें 10% तक लुढ़क गई हैं। भारतीय तेल कंपनियों ने आज 18 अप्रैल को भी दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में कीमतें स्थिर रखी हैं, जबकि मुंबई और चेन्नई में मामूली बदलाव देखा गया है।

आज शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को कच्चे तेल के बाजार से बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोलने की पुष्टि के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों ने आज भी रेगुलर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव न कर वेट एंड वॉच की स्थिति बनाए रखी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खुला: ट्रंप ने दी हरी झंडी, सप्लाई चेन में सुधार
2 / 6अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पूरी तरह से खुला है और जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता। इस रास्ते से दुनिया का 20% तेल गुजरता है।
दिल्ली से मुंबई तक: आज आपके शहर में क्या हैं रेट्स?
3 / 618 अप्रैल को प्रमुख मेट्रो शहरों के दाम: नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 (स्थिर) मुंबई: पेट्रोल ₹103.50 (4 पैसे की गिरावट) कोलकाता: पेट्रोल ₹105.41 (स्थिर) चेन्नई: पेट्रोल ₹100.90 (33 पैसे की गिरावट)
बेंगलुरु और नोएडा में बढ़ गए दाम, भुवनेश्वर में सबसे ज्यादा उछाल
4 / 6जहां महानगरों में राहत है, वहीं कुछ शहरों में कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है: नोएडा: ₹94.90 (16 पैसे की बढ़त) बेंगलुरु: ₹102.96 (4 पैसे की बढ़त) भुवनेश्वर: ₹101.66 (63 पैसे की बड़ी बढ़त)
क्यों घट-बढ़ रही हैं कीमतें? समझें मुख्य कारण
5 / 6भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude) के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और स्थानीय टैक्स (VAT) मिलकर पेट्रोल-डीजल का फाइनल रेट तय करते हैं। ग्लोबल मार्केट में आई 10% की गिरावट का असर आने वाले दिनों में दिखने की उम्मीद है।
क्या अब कम होंगे दाम? तेल कंपनियों पर टिकी नजरें
6 / 6अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई भारी गिरावट के बाद अब सबकी नजरें IOCL, BPCL और HPCL पर हैं। यदि कच्चे तेल के दाम निचले स्तर पर स्थिर रहते हैं, तो आम आदमी को महंगाई से बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल कंपनियां वैश्विक उतार-चढ़ाव और इन्वेंट्री का आकलन कर रही हैं।