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क्या आपका पैन कार्ड 1 अप्रैल से कागज का टुकड़ा बन जाएगा? अगर आपने 31 मार्च तक आधार से लिंक नहीं किया, तो भारी जुर्माना और बैंकिंग सेवाओं में रुकावट तय है। कैसे बचाएं अपना 10,000 रुपये और कैसे करें घर बैठे लिंक? देखिए हमारी खास फोटो गैलरी और आज ही निपटाएं ये जरूरी काम
31 मार्च है आखिरी मौका!

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आयकर विभाग (Income Tax Dept) के अनुसार, जिन लोगों ने अभी तक अपना पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं किया है, उनके पास 31 मार्च 2026 तक का आखिरी समय है। इसके बाद आपका पैन कार्ड 'इनऑपरेटिव' घोषित कर दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि आप इसका इस्तेमाल कहीं नहीं कर पाएंगे।
क्या होगा अगर लिंक नहीं किया?

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पैन कार्ड रद्दी होने का मतलब है कि आप Income Tax Return (ITR) फाइल नहीं कर पाएंगे। आपके रुके हुए टैक्स रिफंड (Refunds) अटक जाएंगे और उन पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा। इसके अलावा, बैंकिंग लेन-देन में भी भारी दिक्कत आएगी।
Rs 10,000 की पेनाल्टी का खतरा

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अगर आप अमान्य (Inoperative) पैन कार्ड का इस्तेमाल कहीं दस्तावेज के तौर पर करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 272B के तहत आप पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए रिस्क न लें और तुरंत लिंक करें।
कटेगा ज्यादा TDS और TCS

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यदि आपका पैन लिंक नहीं है, तो आपके बैंक डिपॉजिट या अन्य आय पर कटने वाला TDS (Tax Deducted at Source) अब सामान्य से दोगुनी दर (20% तक) पर काटा जा सकता है। यानी सीधे-सीधे आपकी बचत का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाएगा।
1000 की लेट फीस देना होगा जरूरी

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अभी पैन-आधार लिंक करने के लिए आपको आयकर पोर्टल पर ₹1,000 का विलंब शुल्क (Late Fee) चुकाना होगा। यह भुगतान 'e-Pay Tax' सुविधा के जरिए 'Minor Head 500' के तहत करना होगा।
कैसे चेक करें अपना स्टेटस?

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अगर आपको याद नहीं है कि लिंक किया है या नहीं, तो incometax.gov.in पर जाएं। 'Quick Links' में 'Link Aadhaar Status' पर क्लिक करें और अपना पैन व आधार नंबर डालकर चेक करें। अगर 'Linked' लिखा आता है, तो आप सुरक्षित हैं।
इन स्टेप्स से घर बैठे करें लिंक

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1. आयकर पोर्टल पर 'Link Aadhaar' पर क्लिक करें।
2. पैन और आधार नंबर दर्ज कर 'Validate' करें।
3. ₹1,000 की फीस भरें।
4. नाम और मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
किन लोगों को मिली है छूट?

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घबराएं नहीं, कुछ लोगों को इससे छूट भी मिली है। 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, अनिवासी भारतीयों (NRIs) और असम, मेघालय व जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए फिलहाल यह अनिवार्य नहीं है। लेकिन बाकी सभी के लिए 31 मार्च की डेडलाइन पत्थर की लकीर है।